शिवसागर दूबे
सुलतानपुर, (भारत) — जिले में मिजिल्स-रूबेला टीकाकरण अभियान का मंगलवार को शुभारंभ किया गया। स्टेला मॉरिस कॉन्वेंट स्कूल, नारायणपुर में मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से अभियान की शुरुआत हुई। अभियान के तहत सरकारी शिक्षण संस्थानों, स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और मदरसों में पढ़ने वाले कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को एमआरओ वैक्सीन की एक डोज दी जाएगी।
जिले में 5 से 10 वर्ष तक के सभी बच्चों को अभियान के दौरान 18, 20, 21, 24, 25, 27 और 28 अगस्त 2026 को एमआरओ वैक्सीन की एक डोज देने की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से निर्धारित तिथियों में बच्चों का टीकाकरण कराने की अपील की है।
खसरा और रूबेला से बचाव पर जोर
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने बताया कि खसरा और रूबेला वायरल संक्रमण हैं, जो हवा तथा संक्रमित व्यक्ति के खांसने और छींकने से फैल सकते हैं। खसरे में बच्चों के शरीर पर लाल चकत्ते निकलने के साथ तेज बुखार हो सकता है।
वहीं रूबेला सामान्य तौर पर हल्का संक्रमण माना जाता है, लेकिन गर्भवती महिलाओं के लिए यह गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। इसके शुरुआती लक्षणों में बुखार, नाक बहना और खांसी शामिल हैं। इसके बाद शरीर पर दाने दिखाई दे सकते हैं।
अधिकारी ने अभिभावकों से अपील की कि वे 5 से 10 वर्ष तक के बच्चों को 18 से 28 अगस्त के बीच नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र, सरकारी स्कूल या मदरसे में ले जाकर एमआरओ वैक्सीन जरूर लगवाएं।
स्कूलों और मदरसों में समन्वय के निर्देश
जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी (आईसीडीएस) और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को अभियान के दौरान स्वास्थ्य टीमों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को कक्षा एक से पांच तक के सभी पात्र बच्चों को एमआरओ वैक्सीन की डोज दिलाना सुनिश्चित करने को कहा गया है।
अभियान के उद्घाटन अवसर पर प्रधानाचार्य मंजुला दीपा, डॉ. संजय गुप्ता, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, डीपीओ, डीसीओपीओ, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दूबेपुर के अधीक्षक, बीपीएम, बीटीसीओपीएम, एसएमओ डब्ल्यूएचओ, जेएसआई, पीसीआई सहित स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि और स्कूल के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।




