सिंदरी : गुरु नानक सिंह सभा सिंदरी में शनिवार को गुरु ग्रंथ साहिब जी का 422वां पहला प्रकाश पर्व श्रद्धा और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सिंदरी गुरुद्वारा साहिब में हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और गुरु ग्रंथ साहिब जी के समक्ष नतमस्तक होकर आशीर्वाद लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के साथ हुई। स्त्री सभा की ओर से गुरु ग्रंथ साहिब जी के सहज पाठ की समाप्ति कराई गई। इसके बाद सुखमणि साहिब की बाणी का पाठ हुआ। स्थानीय कीर्तनीय सुरिंदर कौर, गुरप्रीत कौर और प्रीति कौर ने गुरबाणी का गायन कर संगत को निहाल किया।
गुरुद्वारा साहिब के ग्रंथी बलवीर सिंह ने अरदास और हुकमनामा किया। इसके बाद गुरु का लंगर आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
कार्यक्रम के दौरान गुरु ग्रंथ साहिब जी के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। बताया गया कि वर्ष 1604 में गुरु अर्जन देव जी ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को श्री हरमंदिर साहिब में स्थापित कर संसार को एक अमूल्य आध्यात्मिक धरोहर प्रदान की थी। इसका पहला प्रकाश बाबा बुड्ढा जी ने किया था।
श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का पहला हुकमनामा था—“संता के कारज आप खलोआ, हर काम करावन आया राम।” कार्यक्रम में बताया गया कि विश्व के धार्मिक ग्रंथों में श्री गुरु ग्रंथ साहिब ऐसा पवित्र ग्रंथ है, जो संपूर्ण मानवता को एकता के सूत्र में बांधने का संदेश देता है। इसमें विभिन्न धर्मों, वर्गों और समुदायों के लोगों के लिए साझा शिक्षाएं निहित हैं।
गुरबाणी मानवता को सृष्टिकर्ता से जुड़ने और श्रेष्ठ जीवन जीने की प्रेरणा देती है। इसके साथ ही यह समानता, भाईचारे और सद्भाव का संदेश भी देती है। प्रकाश पर्व के अवसर पर संगत ने गुरु की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर गुरुद्वारा स्त्री सभा की प्रधान जसपाल कौर के अलावा गुरप्रीत कौर, प्रभजोत कौर, डॉ. स्मृति नागी, हरभजन कौर, सिमरन कौर, रूपा कौर, सुरेंद्र कौर, निशा कौर, बलजीत कौर, रविंदर कौर, कुलवंत कौर, त्रिलोचन कौर, देवेंद्र कौर, बलविंदर कौर, कमलजीत कौर और हरजीत कौर सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहीं।
वहीं गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान जसप्रीत सिंह रैनों, सुरेंद्र पाल सिंह, बलवीर सिंह नागी, हरेंद्र सिंह, कुलबीर सिंह, हरपाल सिंह, नरेंद्र सिंह, जगदीश, ईश्वर सिंह, जगजीत सिंह और सतविंदर सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए।
पूरे आयोजन के दौरान गुरुद्वारा साहिब का वातावरण गुरबाणी, अरदास और धार्मिक श्रद्धा से सराबोर रहा। श्रद्धालुओं ने गुरु ग्रंथ साहिब जी के समक्ष माथा टेककर सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।




