मनीष सिन्हा
धनबाद : चंद्रपुरा और दुगदा स्टेशन के बीच चलती शताब्दी एक्सप्रेस पर पत्थर फेंकने के मामले में धनबाद आरपीएफ ने एक 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। घटना 10 सितंबर 2026 की है। आरपीएफ के मुताबिक, पत्थर ट्रेन के कोच संख्या C1 में बर्थ नंबर 9 के पास की खिड़की पर लगा, जिससे बाहर की तरफ का शीशा टूट गया। घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और सूचना तंत्र के आधार पर आरोपी तक पहुंचने का दावा किया है।
आरपीएफ पोस्ट धनबाद में इस मामले को लेकर कांड संख्या 2844/2026 दर्ज किया गया है। आरोपी के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 153 के तहत कार्रवाई की गई है। मामले की जांच की जिम्मेदारी उप निरीक्षक राधा कुमारी को सौंपी गई थी।
चलती ट्रेन पर पत्थर लगने से टूटा खिड़की का शीशा
जानकारी के अनुसार, 10 सितंबर को गाड़ी संख्या 12020 शताब्दी एक्सप्रेस चंद्रपुरा स्टेशन से दुगदा की ओर जा रही थी। इसी दौरान चंद्रपुरा और दुगदा के बीच किसी अज्ञात व्यक्ति ने ट्रेन पर पत्थर फेंक दिया।
पत्थर ट्रेन के C1 कोच में बर्थ संख्या 9 के पास स्थित खिड़की पर लगा। इससे खिड़की का बाहरी शीशा टूट गया। घटना के बाद ट्रेन में तैनात कैरेज एंड वैगन कर्मियों, ट्रेन सुपरिटेंडेंट और आरपीएफ एस्कॉर्ट पार्टी ने मामले की संयुक्त रिपोर्ट तैयार की।
आरपीएफ एस्कॉर्ट पार्टी के ड्यूटी स्टाफ प्रधान आरक्षी जवाहर लाल चौधरी की ओर से घटना को लेकर शिकायत दी गई। शिकायत के आधार पर आरपीएफ पोस्ट धनबाद में मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई।
मुखबिर की सूचना ने जांच को दी दिशा
घटना के बाद आरपीएफ ने आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को सक्रिय किया। इसी क्रम में मुखबिर को भी लगाया गया था।
आरपीएफ के अनुसार, जांच के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि शताब्दी एक्सप्रेस पर पत्थर फेंकने वाला संदिग्ध युवक दुगदा स्टेशन के आसपास घूम रहा है। सूचना मिलते ही आरपीएफ पोस्ट धनबाद के अधिकारियों और जवानों ने दुगदा कैंपिंग ड्यूटी पर तैनात स्टाफ से संपर्क किया।
इसके बाद आरपीएफ की टीम करीब शाम 4:30 बजे दुगदा स्टेशन पहुंची। वहां कैंपिंग ड्यूटी स्टाफ ने संदिग्ध युवक को पकड़कर रखा था। आरपीएफ ने पूछताछ के बाद उसकी पहचान बजरंगी डोम के रूप में की और उसे गिरफ्तार कर लिया।
कौन है गिरफ्तार आरोपी?
गिरफ्तार आरोपी की पहचान बजरंगी डोम, उम्र करीब 19 वर्ष, पिता स्वर्गीय राजेंद्र डोम के रूप में हुई है। वह धनबाद के बैंक मोड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत पुराना बाजार, शंभू धर्मशाला, रिफ्यूजी मार्केट का रहने वाला बताया गया है।
आरपीएफ के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ में युवक ने अपने बारे में कई बातें बताईं। उसके कथित बयान के अनुसार, वह कोई नियमित काम नहीं करता है और नशे का सेवन करता है। उसने बताया कि नशे और रोजमर्रा के खाने-पीने का खर्च निकालने के लिए वह कथित तौर पर ट्रेनों में यात्रियों के पैसे और छोटी-मोटी वस्तुओं की चोरी करता है।
चोरी के इरादे से धनबाद से चंद्रपुरा पहुंचने का दावा
आरपीएफ की पूछताछ के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह 10 सितंबर को धनबाद से किसी ट्रेन से चंद्रपुरा गया था। उसका उद्देश्य कथित रूप से ट्रेन में चोरी करना था।
हालांकि, दिन के समय यात्रियों के जागते रहने के कारण उसे चोरी का मौका नहीं मिला। इसके बाद वह चंद्रपुरा स्टेशन के आसपास घूमता रहा। आरपीएफ के अनुसार, युवक ने पूछताछ में बताया कि नशे के कारण वह परेशान था और शाम के समय स्टेशन के आसपास भटक रहा था।
इसी दौरान उसने शताब्दी एक्सप्रेस को गुजरते हुए देखा। पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर ट्रेन को देखकर आवेश में आने और रेलवे ट्रैक से पत्थर उठाकर ट्रेन पर फेंकने की बात स्वीकार की। इसके बाद वह मौके से भाग गया।
आरपीएफ ने आरोपी के इस कथित बयान को जांच का हिस्सा बनाया है। हालांकि, मामले में उसके बयान और अन्य साक्ष्यों का सत्यापन जांच के दौरान किया जाना है।
आरोपी के पास से क्या-क्या मिला?
आरपीएफ के मुताबिक, गिरफ्तारी के दौरान आरोपी की पैंट की दोनों जेबों की तलाशी ली गई। इस दौरान कुछ सामान बरामद होने का दावा किया गया है।
बरामद सामान में एक माचिस का डिब्बा, लाल रंग की एक चिलम, एक कैंची, एक चालू और काले रंग के प्लास्टिक में रखा नशे के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला कथित सॉल्यूशन शामिल है।
आरपीएफ ने बरामद सामान को जब्त कर मौके पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी की।
आरोपी के खिलाफ पहले से भी दर्ज हैं मामले
आरपीएफ ने गिरफ्तारी के बाद आरोपी का आपराधिक इतिहास जानने के लिए ICJS पोर्टल पर जांच की। जांच में उसके खिलाफ पहले से दो मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई।
आरपीएफ के अनुसार, पहला मामला बैंक मोड़ थाना कांड संख्या 167/25 है, जो 12 जुलाई 2025 को दर्ज किया गया था। इसमें BNS की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
दूसरा मामला GRPS धनबाद में कांड संख्या 92/26 है, जो 18 अप्रैल 2026 को दर्ज हुआ था। इसमें BNS की धारा 317(5)/3(5) के तहत मामला दर्ज होने की जानकारी आरपीएफ ने दी है।
आईबी की स्थानीय यूनिट से भी किया गया संपर्क
आरपीएफ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी से पूछताछ के लिए आईबी की स्थानीय यूनिट से भी समन्वय किया। इसके लिए 12 सितंबर 2026 को स्थानीय आईबी यूनिट के साथ पत्राचार किए जाने की जानकारी दी गई है।
जांच एजेंसियां आरोपी से घटना से जुड़े अन्य पहलुओं को लेकर भी पूछताछ कर रही हैं। खासकर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी ने अकेले घटना को अंजाम दिया था या इसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका भी थी।
रेलवे न्यायालय में पेशी, न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया
गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए 12 सितंबर 2026 को रेलवे न्यायालय में पेश किया गया। आरपीएफ के अनुसार, सुनवाई के बाद दंडाधिकारी ने आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।
फिलहाल मामले की जांच जारी है। आरपीएफ की जांच का मुख्य केंद्र चलती ट्रेन पर पत्थर फेंकने की घटना के पूरे क्रम, आरोपी के कथित बयान और बरामद सामान के अलावा उसके पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड से जुड़े पहलुओं पर है।
यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे सतर्क
चलती ट्रेन पर पत्थर फेंकने की घटनाएं यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं। खिड़की के शीशे टूटने से यात्रियों को चोट लगने की आशंका रहती है। ऐसे मामलों में रेलवे सुरक्षा बल और संबंधित सुरक्षा एजेंसियां आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए स्थानीय सूचना तंत्र के साथ काम करती हैं।
चंद्रपुरा-दुगदा रेलखंड में हुई इस घटना में भी आरपीएफ ने स्थानीय स्तर पर सूचना जुटाकर आरोपी तक पहुंचने का दावा किया है। अब जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।




