चेहल्लुम पर निकला अकीदत का विशाल जुलूस
प्रतापगढ़। शहीदे आज़म हज़रत इमाम हुसैन और कर्बला के 72 जानिसारों की याद में मंगलवार को चेहल्लुम (अरबईन) का विशाल जुलूस पूरे अकीदत, एहतराम और गमगीन माहौल में निकाला गया। मोहर्रम कमेटी अंजुमन रज़ा-ए-हुसैन के अध्यक्ष आबिद रज़ा के नेतृत्व में निकला जुलूस शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर रंजीतपुर स्थित कर्बला शरीफ पहुंचा, जहां ताजिया और उसके फूलों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
जुलूस अजीतनगर से प्रारंभ होकर सदर चौराहा, औलिया मस्जिद, सदर बाजार, कपूर चौराहा, चौक घंटाघर सहित प्रमुख मार्गों से गुजरा। इस दौरान सदर बाजार, गोड़े, सोनावां, चिलबिला, पल्टन बाजार, लोको, टक्करगंज और दहिलामऊ सहित विभिन्न अखाड़ों के जुलूस भी इसमें शामिल हुए। पूरे मार्ग पर “हक़ हुसैन, मौला हुसैन” की सदाओं से वातावरण गूंजता रहा।
मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष आबिद रज़ा ने बताया कि चेहल्लुम, कर्बला की जंग में हज़रत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत के 40 दिन पूरे होने पर मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि यह दिन अन्याय के विरुद्ध संघर्ष, इंसाफ, सब्र और कुर्बानी का संदेश देता है।
अंजुमन रज़ा-ए-हुसैन के जनरल सेक्रेटरी गुलाम रज़ा ने बताया कि जुलूस में शहर की 15 ताजिए शामिल रहीं। विभिन्न अखाड़ों ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जबकि चांदी का विशाल अलम श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा। शिया समुदाय के लोगों ने मातम कर हज़रत इमाम हुसैन को खिराज-ए-अकीदत पेश किया।
जुलूस के दौरान श्रद्धालुओं के लिए शर्बत, शबील, पुलाव, खिचड़ा और लंगर का वितरण किया गया। सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से मोहर्रम कमेटी ने पूर्व से ही नॉनवेज लंगर पर रोक लगाई थी।
पूरे आयोजन के दौरान जिला पुलिस प्रशासन और सुरक्षा बल चाक-चौबंद रहे। कर्बला शरीफ में नात, सलाम और फातेहा के बाद खादिम-ए-शेरे-हिन्दुस्तान बाबा मुनव्वर हुसैन हश्मती ने देश में अमन, भाईचारे और खुशहाली की विशेष दुआ कराई।
कमेटी के संरक्षक इजहार हुसैन गुड्डू ने सफल आयोजन में सहयोग के लिए जिला प्रशासन, पुलिस एवं मीडिया का आभार व्यक्त किया
इस अवसर पर बाबा रशीद अहमद, महफूज हसन, तहसीन रज़ा, तनवीर रज़ा, मोहम्मद अकरम, मोहम्मद अफजल सिद्दीकी, सरवर राइन, आज़ाद सिद्दीकी, शकील अहमद, मोहम्मद मकसूद, मोहम्मद तैय्यब, अख्तर राइन, कासिम बाबा, मोहम्मद मुख्तार राइन, शकलैन रज़ा, कौनैन रज़ा, मोहम्मद शाने आलम शानू, शफीक अंसारी, गुलाम कौसर खलीफा, वहीद उस्ताद, हुसैन रज़ा, शाहिद सिद्दीकी, अब्बास रज़ा, रोशन अली, हाफिज आमिर अंसारी, जाकिर अली, इफ्तेखार हुसैन मुसाहिदी, मुकद्दर एडवोकेट, निर्भय प्रताप सिंह एडवोकेट, ओम प्रकाश साहू, राजेश जायसवाल, नीशू जायसवाल सहित बड़ी संख्या में ताजियादार, अलमदार, अखाड़ों के सदस्य और अकीदतमंद मौजूद रहे।




