धनबाद I केंद्र सरकार के MMDR संशोधन अधिनियम, 2026 के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने शुक्रवार को धनबाद अंचल कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। पार्टी के केंद्रीय कार्यालय के निर्देश पर आयोजित कार्यक्रम में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कानून के प्रावधानों को लेकर विरोध जताया और नारेबाजी की। कार्यक्रम के बाद पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने अंचल अधिकारी (CO) से मुलाकात कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
MMDR संशोधन कानून में राज्यों द्वारा खनिज अधिकारों और खनिज-युक्त भूमि पर कुछ कर, उपकर या अन्य लेवी लगाने पर प्रतिबंध का प्रावधान किया गया है, हालांकि केंद्र सरकार का कहना है कि राज्यों के मौजूदा खनिज राजस्व अधिकारों का बड़ा हिस्सा जारी रहेगा। PRS के अनुसार, कानून में खनिज अधिकारों या खनिज-युक्त भूमि पर राज्य की कुछ लेवी को केंद्र द्वारा निर्धारित शर्तों के अधीन किया गया है।
झामुमो ने राजस्व और राज्यों के अधिकार का मुद्दा उठाया
धरना को संबोधित करते हुए JMM नेताओं ने आरोप लगाया कि संशोधन से झारखंड जैसे खनिज बहुल राज्य के राजस्व हित प्रभावित होंगे। पार्टी नेताओं ने कहा कि खनन वाले क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य, पर्यावरण और जनकल्याण से जुड़ी जिम्मेदारियां राज्य सरकार को निभानी पड़ती हैं, इसलिए खनिज संसाधनों से जुड़े राजस्व में राज्य की भूमिका महत्वपूर्ण है।
झारखंड सरकार भी इस कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाने की घोषणा कर चुकी है। राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सितंबर में कहा था कि सरकार कानून को चुनौती देने की तैयारी कर रही है और खनिज उपकर से जुड़े राजस्व के नुकसान का मुद्दा भी उठाएगी।
JMM नेताओं ने कहा कि झारखंड के जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों से जुड़े अधिकारों की रक्षा के लिए पार्टी आंदोलन जारी रखेगी। वक्ताओं ने केंद्र सरकार से संशोधन कानून पर पुनर्विचार करने की मांग की।
राष्ट्रपति के नाम CO को सौंपा ज्ञापन
एक दिवसीय धरना समाप्त होने के बाद JMM के प्रतिनिधिमंडल ने धनबाद अंचल अधिकारी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें MMDR संशोधन कानून पर हस्तक्षेप करते हुए इसे वापस लेने की मांग की गई। पार्टी नेताओं ने कहा कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता धनबाद महानगर अध्यक्ष मंटू कुमार चौहान ने की, जबकि संचालन मंसूर अंसारी ने किया। मौके पर केंद्रीय सदस्य डॉ. नीलम मिश्रा, जिला संगठन सचिव राज आनंद सिंह, व्यवसाय मोर्चा अध्यक्ष हरीश सिंह, बुद्धिजीवी मोर्चा अध्यक्ष राजू प्रसाद हारी, वरिष्ठ नेता कल्याण भट्टाचार्य, बलराम महतो, देबू महतो, महानगर उपाध्यक्ष मिहिर दत्ता, नईम अंसारी, वकील दास, महानगर प्रवक्ता आकाश रवानी, संगठन सचिव राजेश तुरी, राजू प्रामाणिक, शोषण चौधरी, कुणाल कुमार, उत्तम कुमार, सप्पू महतो, आजाद महतो, आशीष पासवान, संजीव कुमार, अनिल चौरसिया, सुदीप दत्ता, सद्दाम हुसैन, हृतिक राणा, अमित महतो, राजेश जालान और पंकज श्रीवास्तव समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।



