बालूमाथ I लातेहार जिले के बालूमाथ क्षेत्र में कोयला वाहनों के परिचालन से होने वाली धूल और वायु प्रदूषण की समस्या पर प्रशासन ने अब गंभीरता से कार्रवाई शुरू कर दी है। आम लोगों के स्वास्थ्य, सड़क सुरक्षा और स्वच्छ वातावरण को ध्यान में रखते हुए उपायुक्त संदीप कुमार ने संबंधित पदाधिकारियों को प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया है। प्रशासन की इस पहल से कोयला परिवहन वाले मार्गों पर उड़ने वाली धूल कम होने और लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
उपायुक्त ने कहा है कि कोयला परिवहन के दौरान उड़ने वाले धूल-कणों को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय एवं राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सर्वोच्च न्यायालय तथा राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की ओर से समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाए। कोयला कंपनियों और परिवहन में लगे वाहनों से निर्धारित पर्यावरणीय एवं सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराने पर विशेष जोर दिया गया है।
जनप्रतिनिधियों के साथ होगी समस्या की समीक्षा
प्रशासन ने अनुमंडल पदाधिकारी, लातेहार को संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर बालूमाथ प्रखंड कार्यालय में बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया है। बैठक में जिला परिषद सदस्य, प्रमुख, मुखिया समेत अन्य जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर सामने आ रही समस्याओं और उनके समाधान पर सीधे चर्चा की जा सकेगी।
बैठक में कोयला वाहनों से होने वाले धूल और वायु प्रदूषण के साथ सड़क सुरक्षा तथा आम लोगों की जान-माल की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी कार्रवाई की रूपरेखा तैयार होगी। प्रशासन का लक्ष्य कोयला परिवहन और आम लोगों के दैनिक आवागमन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है।
सड़क पर जमा धूल की नियमित होगी सफाई
उपायुक्त संदीप कुमार ने कोयला परिवहन मार्गों पर जमा होने वाली धूल की नियमित सफाई व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया है। इसके लिए वाटर स्प्रिंकलर, ऑटोमेटिक स्वीपिंग मशीन, एंटी-फॉगिंग मशीन, टिपर और ट्रॉली जैसे संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया है। नियमित पानी का छिड़काव और सड़कों की सफाई से उड़ने वाली धूल पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा बालूमाथ शहर और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सफाई मित्रों की बहाली, घर-घर से कचरे का नियमित उठाव और उपयोगकर्ता शुल्क के संग्रह की व्यवस्था विकसित करने की दिशा में भी कार्रवाई करने को कहा गया है। इसके लिए समिति अथवा एनजीओ के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया है।
एक सप्ताह में मांगा अनुपालन प्रतिवेदन
उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को सभी निर्देशों पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कर एक सप्ताह के भीतर अनुपालन प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा है। इससे यह पता चलेगा कि प्रदूषण नियंत्रण, सड़क सुरक्षा और सफाई से जुड़े निर्देशों को जमीन पर कितनी प्रभावी तरीके से लागू किया गया है।
प्रशासन की इस पहल को बालूमाथ में स्वच्छ वातावरण, बेहतर सड़क सुरक्षा और आम लोगों की सुविधा की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। यदि कोयला परिवहन वाले इलाकों में निर्देशों का प्रभावी अनुपालन होता है, तो धूल और वायु प्रदूषण से लोगों को राहत मिलने के साथ सड़कों की सफाई और यातायात व्यवस्था में भी सुधार की उम्मीद है।



