सईयां भइले कोतवाल तो डर काहे का! कतरास में जाम पर सवाल

कतरास में टोटो की बेतरतीब आवाजाही, अवैध पार्किंग और अतिक्रमण से जाम बढ़ा; थाना चौक पर बने ट्रैफिक पोस्ट को लेकर व्यापारियों ने जताई नाराजगी।

मनीष सिन्हा 

कतरास :“सईयां भइले कोतवाल तो डर काहे का!” यह कहावत इन दिनों कतरास की ट्रैफिक व्यवस्था पर उठ रहे सवालों के बीच चर्चा में है। धनबाद नगर निगम के वार्ड नंबर तीन का प्रमुख कारोबारी इलाका पंचगढ़ी बाजार लंबे समय से जाम की समस्या से जूझ रहा है। सुबह स्कूल खुलने और छुट्टी के समय राजगंज रोड की सब्जी पट्टी से थाना चौक तक वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। वहीं शाम होते ही थाना चौक और मेन रोड पर स्थिति और खराब हो जाती है। कई बार वाहन घंटों तक रेंगते रहते हैं।

जाम की स्थिति का असर आम लोगों के साथ-साथ मरीजों पर भी पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई बार एंबुलेंस भी जाम में फंस जाती है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी बढ़ जाती है। पर्व-त्योहार और स्कूलों की छुट्टी के समय समस्या और गंभीर हो जाती है।

टोटो की बेतरतीब आवाजाही बनी बड़ी समस्या

कतरास में बढ़ती ट्रैफिक समस्या के बीच टोटो की बेतरतीब आवाजाही भी बड़ी वजह के रूप में सामने आ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि टोटो के लिए निर्धारित रूट नहीं होने के कारण चालक सुविधानुसार कहीं भी वाहन खड़ा कर देते हैं। शहर में टोटो की संख्या बढ़ने के साथ यातायात व्यवस्था पर दबाव भी बढ़ा है।

स्थानीय स्तर पर नाबालिगों द्वारा टोटो चलाए जाने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। लोगों का कहना है कि टोटो के लिए रूट निर्धारित करने, व्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था करने और यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने की जरूरत है। इन उपायों के बिना कतरास को रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिलना मुश्किल है।

सड़क पर ट्रैफिक पोस्ट, व्यापारियों में नाराजगी

जाम की समस्या के बीच थाना चौक की सड़क पर हाल में यातायात पुलिस के लिए बनाया गया नया पोस्ट भी विवाद का विषय बन गया है। कतरास के व्यापारी संघ और स्थानीय दुकानदार इसका विरोध कर रहे हैं।

होलसेल कारोबारियों का कहना है कि थाना चौक से चीनी, चावल और गेहूं सहित विभिन्न सामान लेकर बड़े मालवाहक वाहन गुजरते हैं। इनमें कई वाहन 18 चक्का तक के होते हैं। व्यापारियों के मुताबिक, सड़क पर ट्रैफिक पोस्ट बनने से बड़े वाहनों को मोड़ने में परेशानी हो सकती है। इससे जाम की स्थिति और बिगड़ने के साथ दुर्घटना का खतरा भी बढ़ने की आशंका है।

व्यापारियों का सवाल है कि जब थाना चौक और आसपास का इलाका पहले से ही जाम की समस्या से परेशान है, तो यातायात पुलिस के पोस्ट के लिए सड़क का ऐसा स्थान क्यों चुना गया, जहां भारी वाहनों की नियमित आवाजाही होती है। उनका कहना है कि पोस्ट के लिए ऐसी जगह निर्धारित की जानी चाहिए, जहां यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।

पुलिस की कार्यशैली पर भी उठ रहे सवाल

रोजाना लगने वाले जाम को लेकर स्थानीय लोगों के बीच पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि थाना चौक, राजगंज रोड और मेन रोड पर लंबे समय तक जाम की स्थिति रहने के बावजूद स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कदम नजर नहीं आ रहे हैं।

स्थानीय लोगों और व्यापारियों की मांग है कि टोटो के लिए निर्धारित रूट बनाया जाए, अवैध पार्किंग और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई हो तथा यातायात पुलिस की तैनाती प्रभावी तरीके से की जाए। इसके अलावा थाना चौक पर बनाए गए ट्रैफिक पोस्ट के स्थान की भी समीक्षा करने की मांग उठ रही है।

अब कतरास की जनता का सवाल सीधा है—जब शहर की सड़कें रोजाना जाम से कराह रही हैं, तो जिम्मेदार व्यवस्था को सुधारने के लिए आखिर कब ठोस कदम उठाएंगे?

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