कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मार्गदर्शक मंडल के कृष्ण चैतन्य ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक करना और उन्हें शस्त्र संचालन का प्रशिक्षण देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को मां दुर्गा के साहस, शक्ति और पराक्रम से प्रेरणा लेकर आत्मरक्षा के लिए सक्षम बनना चाहिए।
उन्होंने भारतीय संस्कृति में शस्त्र और शास्त्र, दोनों के महत्व को रेखांकित किया। उनके अनुसार, शास्त्र ज्ञान, संस्कार और सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं, जबकि शस्त्र आत्मरक्षा और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की क्षमता के प्रतीक हैं। उन्होंने युवाओं से अपनी संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक मूल्यों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान मां दुर्गा की आराधना की गई और समाज में सुख-शांति, समृद्धि तथा सद्भाव बनाए रखने की कामना की गई। उपस्थित कार्यकर्ताओं ने सामाजिक जागरूकता बढ़ाने, युवाओं को सकारात्मक दिशा देने और धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने पर भी जोर दिया।
इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्र विभाग मंत्री विजय यादव, सिमडेगा जिला अध्यक्ष कृष्णा शर्मा, जिला संगठन मंत्री दिलीप बड़ाईक, बजरंग दल संयोजक आनंद जायसवाल, प्रचार-प्रसार प्रमुख विकास साहू सहित पंचायत अध्यक्ष, कार्यकर्ता और अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम श्रद्धा और उत्साह के माहौल में संपन्न हुआ।




