रामगढ़ I रजरप्पा थाना क्षेत्र के चितरपुर स्थित अहमद नगर से 18 सितंबर को लापता हुईं दो नाबालिग किशोरियों को रामगढ़ पुलिस ने हरियाणा के जींद जिले से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने मामले में बिहार के दरभंगा निवासी दो सगे भाई-बहन नंदनी कुमारी उर्फ नंदन और हरिनंदन पासवान को गिरफ्तार किया है। दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार, दोनों किशोरियां 18 सितंबर को अचानक घर से लापता हो गई थीं। परिजनों ने आसपास और रिश्तेदारों के यहां काफी तलाश की, लेकिन दोनों का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद परिजनों ने रजरप्पा थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत ने तत्काल विशेष टीम गठित कर दोनों किशोरियों की तलाश शुरू करने का निर्देश दिया।
रजरप्पा थाना प्रभारी कृष्ण कुमार के अनुसार, पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अवर निरीक्षक मो. एकबाल के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी अनुसंधान, मोबाइल लोकेशन और पुलिस इनपुट के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान पुलिस टीम दिल्ली पहुंची। वहां से मिले सुरागों के आधार पर हरियाणा में तलाश शुरू की गई। इस अभियान में दिल्ली और हरियाणा चाइल्ड लाइन की भी मदद ली गई।
सोशल मीडिया से हुई थी पहचान
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी महिला नंदनी कुमारी की सोशल मीडिया के माध्यम से दोनों किशोरियों से पहचान हुई थी। पुलिस के अनुसार, बातचीत और दोस्ती बढ़ने के बाद नंदनी ने अपने भाई से शादी कराने का झांसा देकर दोनों किशोरियों को बहला-फुसलाकर हरियाणा ले जाने की बात कही।
तकनीकी जानकारी और संयुक्त प्रयासों के आधार पर पुलिस को दोनों किशोरियों के हरियाणा के जींद जिले में होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने नरवाना रेलवे स्टेशन और उसके आसपास निगरानी बढ़ाई। कार्रवाई के दौरान दोनों नाबालिगों को सकुशल बरामद कर लिया गया। पुलिस ने मौके से दोनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।
बरामदगी के बाद दोनों किशोरियों को पुलिस सुरक्षा में रामगढ़ लाया गया। यहां उनकी मेडिकल जांच और काउंसिलिंग की प्रक्रिया की जा रही है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दूसरे राज्य से दोनों नाबालिगों की सकुशल बरामदगी तकनीकी अनुसंधान, त्वरित कार्रवाई और विभिन्न राज्यों की एजेंसियों के बीच समन्वय के जरिए संभव हुई।
अभियान में एसआई मो. एकबाल के नेतृत्व वाली टीम के साथ आरक्षी फूलचंद महतो, महिला आरक्षी पूनम देवी समेत अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




