रामगढ़ बस स्टैंड पर नशे के कारोबार का भंडाफोड़, 1085 इंजेक्शन जब्त

गुप्त सूचना पर पुलिस ने छापेमारी कर एक युवक को दबोचा, तीन आरोपी भाग निकले; नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस।

रामगढ़ I रामगढ़ बस स्टैंड के समीप नशीली दवाओं की अवैध खरीद-बिक्री का पुलिस ने खुलासा करते हुए 1085 नशीले इंजेक्शन की बड़ी खेप बरामद की है। पुलिस ने मौके से एक युवक को गिरफ्तार किया, जबकि उसके तीन सहयोगी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। बरामद इंजेक्शनों की औषधि निरीक्षक से जांच कराने के बाद पुलिस ने इन्हें प्रतिबंधित श्रेणी का मादक एवं मन:प्रभावी पदार्थ बताया है।

पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत को गुरुवार रात गुप्त सूचना मिली थी कि रामगढ़ बस स्टैंड के समीप चार लोग नशीली दवाओं की खरीद-बिक्री के लिए जुटे हैं। सूचना के सत्यापन और कार्रवाई के लिए पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) मो. अकरम रजा के नेतृत्व में छापामारी दल का गठन किया गया। टीम जैसे ही मौके पर पहुंची, चारों युवक भागने लगे। पुलिस ने पीछा कर एक युवक को हाथ में कार्टन लेकर भागते हुए पकड़ लिया, जबकि तीन अन्य फरार हो गए।

पकड़े गए युवक की पहचान आकाश कुमार (26), पिता मोतिराम, वर्तमान पता ब्लॉक चौक, नायक टोला स्थित राजमनी देवी के मकान में किरायेदार, थाना एवं जिला रामगढ़ और स्थायी पता बड़ी दरगाहा, झींगनगर संगतपर, थाना बिहारशरीफ, जिला नालंदा, बिहार के रूप में हुई है।

गया से मंगाई गई थी इंजेक्शन की खेप -: 

पुलिस ने बताया कि पूछताछ में आकाश ने कार्टन में नशीले इंजेक्शन होने की बात स्वीकार की। उसके अनुसार वह फरार तीन अन्य सहयोगियों के साथ अलग-अलग स्थानों से नशीले इंजेक्शन मंगाकर बेचता था। बरामद कार्टन को गया, बिहार से मंगाए जाने की बात भी उसने पुलिस को बताई।

कार्टन की तलाशी लेने पर उसमें पेंटाजोसिन इंजेक्शन आईपी 30 मिलीग्राम प्रति मिलीलीटर, टाजोविन के कुल 1085 एम्पुल बरामद हुए। पुलिस ने बरामद दवाओं की जांच रामगढ़ के औषधि निरीक्षक से कराई। पुलिस के मुताबिक जांच में सभी इंजेक्शन प्रतिबंधित श्रेणी के मादक एवं मन:प्रभावी पदार्थ पाए गए। पुलिस ने कहा कि बिना चिकित्सक के पर्चे के इतनी मात्रा में इन दवाओं को रखना और उनकी खरीद-बिक्री करना कानूनन अपराध है।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आईटेल कंपनी के दो बटन वाले मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। मामले में रामगढ़ थाना कांड संख्या 263/2026, दिनांक 25 सितंबर 2026 के तहत स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 की धारा 20(बी) तथा औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 की धारा 27(बी)(ii)/18(सी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

गिरफ्तार आरोपी आकाश कुमार को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। वहीं पुलिस फरार तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। इसके साथ ही नशीली दवाओं की आपूर्ति से जुड़े पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका का भी पता लगाया जा रहा है।

छापामारी दल में पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) मो. अकरम रजा, पुलिस निरीक्षक सह रामगढ़ थाना प्रभारी गजेन्द्र कुमार पाण्डेय, पुलिस अवर निरीक्षक सुमंत कुमार राय, बिरबल हेम्ब्रम, जॉनी कुमार, मंजेश कुमार सिंह, आरक्षी संख्या 128 बसंल यादव, रिजर्व शस्त्र बल तथा गृह रक्षक संख्या 281 रामचन्द्र कुमार शामिल थे।

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