संजय कुमार सिंह की रिपोर्ट
समस्तीपुर, (बिहार) : जिले के विभूतिपुर थाना क्षेत्र में रुपये के लेन-देन से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। करीब 5 से 6 लाख रुपये के विवाद के बीच 32 वर्षीय युवक रोहन कुमार रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया है। युवक के अचानक गायब होने और फोन पर हुई बातचीत की कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग में चीख-पुकार सुनाई देने के बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। हत्या की आशंका जताते हुए लोगों ने पुलिस की कथित लापरवाही के खिलाफ मुख्य सड़क पर करीब 8 घंटे तक जाम और आगजनी की। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
छह लाख रुपये लेने की बात कहकर घर से निकला था रोहन
मिली जानकारी के अनुसार, कल्याणपुर दक्षिण पंचायत के समर्था टोले बनघारा निवासी जितेंद्र प्रसाद सिंह और जयंती देवी का 32 वर्षीय पुत्र रोहन कुमार मंगलवार की शाम करीब 7:30 बजे अपनी बुलेट बाइक से घर से निकला था। उसने परिजनों को बताया था कि वह कल्याणपुर स्थित भारत पेट्रोलियम के पास जा रहा है।
बताया जाता है कि वहां सुमन फर्नीचर के संचालक मुकेश लाल के घर के पीछे स्थित तालाब में मछली पालन के लिए बनाए गए स्थल पर झोपड़ी बनाकर रहने वाले मनटून सिंह के पुत्र सुमन कुमार से उसे कुछ रुपये लेने थे।
रोहन के पिता जितेंद्र प्रसाद सिंह ने मीडिया और पुलिस को बताया कि इस मामले में करीब 5 से 6 लाख रुपये के लेन-देन का विवाद चल रहा था। उनका आरोप है कि जब रोहन रुपये लेने के लिए वहां पहुंचा, तो इसी दौरान पैसों को लेकर विवाद शुरू हो गया। इसके बाद से ही उसका कोई पता नहीं चल सका।
ऑडियो रिकॉर्डिंग में सुनाई दी रोहन की आखिरी चीख
इस पूरे मामले में सबसे अहम और चौंकाने वाला पहलू मोबाइल फोन पर हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग है। बताया जा रहा है कि मंगलवार की रात करीब 8 बजे रोहन और सुमन के बीच विवाद के दौरान रोहन की बातचीत उजियारपुर थाना क्षेत्र के महिसारी निवासी नरेंद्र कुमार झा के पुत्र भजमन नारायण उर्फ मोनू से हो रही थी। यह बातचीत मोनू के मोबाइल फोन में रिकॉर्ड हो गई।
परिजनों और अन्य लोगों के मुताबिक, रिकॉर्डिंग सुनने पर कई ऐसी बातें सामने आती हैं, जिनसे अनहोनी की आशंका और गहरा गई है। ऑडियो की शुरुआत में पिस्तौल को डिग्गी में रखने जैसी बात सुनाई देती है। इसके बाद फोन को लाइन पर छोड़ने, तुरंत वहां पहुंचने, गाड़ी की चाबी निकालने और कुछ लोगों के नामों का जिक्र भी सुनाई देता है।
रिकॉर्डिंग के अंतिम हिस्से में रुपये गिनने के दौरान मोबाइल की लाइट जलाने का भरोसा और “एक सोइया में 98 होने” से जुड़ा सवाल सुनाई देता है। इसी बीच अचानक रोहन के चीखने और घिघियाने की आवाज आती है। उसकी आखिरी आवाज “सुमन भाई सुन न… रुपए” बताई जा रही है। इसके तुरंत बाद रिकॉर्डिंग बंद हो जाती है।
इस ऑडियो को सुनने के बाद परिवार के लोगों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। उन्हें आशंका है कि रोहन के साथ कोई गंभीर अनहोनी हुई है। हालांकि, ऑडियो में सुनाई देने वाली बातों की वास्तविकता और घटना में शामिल लोगों की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप, रात में नहीं हुई सुनवाई
रोहन के परिजनों का आरोप है कि मंगलवार की रात काफी खोजबीन करने के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो वे लोग रात करीब 11:30 बजे विभूतिपुर थाने पहुंचे। वहां पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी गई और लिखित आवेदन देने का प्रयास भी किया गया।
परिजनों का दावा है कि पुलिस ने उन्हें सुबह आने की बात कहकर वापस भेज दिया। उनका कहना है कि यदि पुलिस उसी रात मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू करती, तो शायद रोहन का जल्द पता लगाया जा सकता था।
बुधवार की सुबह तक युवक की बरामदगी को लेकर कोई ठोस जानकारी नहीं मिलने पर परिजनों और ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। इसके बाद लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
सिंघियाघाट-दलसिंहसराय सड़क पर जाम और आगजनी
पुलिस की कथित निष्क्रियता के खिलाफ बुधवार की सुबह करीब 8 बजे आक्रोशित ग्रामीणों ने सिंघियाघाट-दलसिंहसराय पथ पर धनिक चौक के पास सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बांस-बल्ला और ढैंचा का बोझ रखकर आवागमन पूरी तरह बाधित कर दिया।
इसके बाद लोगों ने सड़क पर टायर जलाकर आगजनी शुरू कर दी। टायरों से उठते काले धुएं और दुर्गंध के कारण आसपास के लोगों को काफी परेशानी हुई। सड़क के दोनों ओर छोटी-बड़ी गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। राहगीरों और जरूरी काम से निकले लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कई वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों की मांग थी कि रोहन को जल्द से जल्द सकुशल बरामद किया जाए और घटना में शामिल संदिग्धों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।
एसडीपीओ के आश्वासन पर आठ घंटे बाद खत्म हुआ प्रदर्शन
सड़क जाम और आगजनी की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। रोसड़ा डीएसपी संजय कुमार सिन्हा, रोसड़ा सर्किल इंस्पेक्टर मनोज कुमार, विभूतिपुर थानाध्यक्ष सुनील कुमार झा और दारोगा अरशद इमाम अंसारी समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा।
पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने और जाम समाप्त कराने का प्रयास किया। हालांकि, ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। उनकी मांग थी कि जिले के पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचें, रोहन को सुरक्षित बरामद किया जाए या फिर मामले में नामजद आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
करीब 8 घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के बाद रोसड़ा एसडीपीओ संजय कुमार सिन्हा ने 24 घंटे के भीतर युवक की सकुशल बरामदगी और मामले में सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद दोपहर बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया। सड़क से अवरोध हटने के बाद यातायात सामान्य हो सका।
फर्नीचर दुकान पर पुलिस ने लगाया ताला
जाम समाप्त होने के बाद पुलिस ने कल्याणपुर स्थित मुख्य आरोपी सुमन कुमार की फर्नीचर दुकान पर पहुंचकर कार्रवाई की। पुलिस ने दुकान के मुख्य गेट पर अलग से ताला लगा दिया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बुधवार की सुबह से ही दुकान बंद थी और उस पर पहले से ताला लगा हुआ था। ग्रामीणों की मांग और मामले से जुड़े संदेह को देखते हुए पुलिस ने अपनी ओर से भी दुकान के गेट पर ताला लगाकर उसे सील जैसी स्थिति में कर दिया, ताकि जांच के दौरान साक्ष्यों के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ न हो सके।
प्राथमिकी दर्ज, तकनीकी सर्विलांस से जांच तेज
विभूतिपुर थानाध्यक्ष सुनील कुमार झा ने बताया कि लापता युवक रोहन कुमार के पिता जितेंद्र प्रसाद सिंह के लिखित बयान के आधार पर थाने में एक नामजद और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
पुलिस ने मुख्य आरोपी सुमन कुमार, उसके ड्राइवर नीतीश कुमार, सत्यम कुमार और अन्य अज्ञात लोगों को मामले में संदिग्ध माना है। थानाध्यक्ष के अनुसार, पुलिस तकनीकी सर्विलांस, मोबाइल लोकेशन और मैनुअल इनपुट के आधार पर जांच कर रही है। इसके साथ ही वायरल हो रही ऑडियो रिकॉर्डिंग को भी बारीकी से सुना और जांचा जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच तेज कर दी गई है और जल्द ही इसका खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, रोहन कुमार के लापता होने से बनघारा गांव और आसपास के इलाकों में चिंता और दहशत का माहौल है। परिवार के लोग अपने बेटे की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। वहीं ग्रामीणों के मन में एक ही सवाल है कि आखिर छह लाख रुपये के विवाद के बीच रोहन के साथ क्या हुआ और फोन पर रिकॉर्ड हुई उसकी आखिरी चीख के पीछे की सच्चाई क्या है? अब सबकी निगाहें पुलिस की जांच और रोहन की बरामदगी पर टिकी हैं।


