बुधवार को एसडीपीओ धर्मदेव पासवान ने प्रेस वार्ता कर मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई थी। टीम लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी। इसी अभियान के दौरान अगोस्टीन तिर्की को गिरफ्तार किया गया। उसे भी न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, संदीप कुजूर 26 अक्टूबर की शाम करीब 4:30 बजे दोस्तों के साथ घूमने जाने की बात कहकर घर से निकले थे। देर शाम तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद 30 अक्टूबर की सुबह करीब आठ बजे धंगरी नाचा से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर चिरंगा जंगल में उनका शव बरामद हुआ।
इस मामले में मृतक की बहन आशा मिंज ने कुरडेग थाना में लिखित आवेदन देकर अगोस्टीन तिर्की, संगीत सागर एक्का, रितेश खलखो और दिनेश साय को आरोपी बनाया था। आवेदन में रास्ते को लेकर संदीप और अगोस्टीन के बीच पहले से विवाद होने की बात कही गई थी। परिजनों की ओर से आरोप लगाया गया था कि इसी पुरानी रंजिश में चारों ने मिलकर लाठी-डंडे से पीटकर संदीप की हत्या कर दी और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को जंगल में फेंक दिया।
पुलिस ने इस संबंध में कुरडेग थाना कांड संख्या 44/26 के तहत 30 अक्टूबर 2026 को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1), 238 और 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। मामले की जांच जारी है।
चारों नामजद आरोपियों के पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद हत्याकांड की जांच में आगे की कार्रवाई तेज होने की उम्मीद है। पुलिस अब मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।


