अब्दुल बारीक
रातू : रातू प्रखंड की हुरहुरी पंचायत में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान मंगलवार को ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से शाम तक पंचायत भवन और शिविर स्थलों पर लोग अपने मतदाता संबंधी विवरणों के सत्यापन और सुधार के लिए पहुंचते रहे। अभियान के दौरान ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से पंचायत में जागरूकता का माहौल देखने को मिला।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा
अभियान के सुचारू संचालन में प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका रही। शिविर में रातू के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) राकेश कुमार श्रीवास्तव, हुरहुरी पंचायत के मुखिया कमल खलखो, वार्ड सदस्य शिल्पा तिर्की, समाजसेवी आफताब आलम और झारखंड छात्र संघ के सचिव अफसर अंसारी मौजूद रहे।
बीडीओ राकेश कुमार श्रीवास्तव और मुखिया कमल खलखो ने शिविर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। वहीं, शिल्पा तिर्की, आफताब आलम और अफसर अंसारी ने ग्रामीणों को प्रक्रिया समझाने और आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में मार्गदर्शन देने में सहयोग किया।
इन पांच मामलों में मांगे जा सकते हैं दस्तावेज
अभियान के दौरान सामने आने वाली विसंगतियों के समाधान के लिए अलग-अलग मामलों के अनुसार दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
1. मतदाता के अपने नाम में अंतर:
SIR वोटर लिस्ट, मतदाता का आधार कार्ड, 11 मान्य प्रमाण पत्रों में से कोई एक तथा स्पष्ट मंतव्य के साथ बीएलओ रिपोर्ट आवश्यक होगी।
2. पिता के नाम में अंतर:
SIR वोटर लिस्ट, मतदाता का आधार कार्ड और 11 मान्य प्रमाण पत्रों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा।
3. छह से अधिक मतदाताओं की एक ही पिता से मैपिंग:
SIR वोटर लिस्ट, आधार कार्ड, 11 मान्य प्रमाण पत्रों में से कोई एक और खतियान या वंशावली प्रस्तुत करनी होगी। छह से अधिक भाई-बहन होने की पुष्टि के लिए पिता का आधार कार्ड या पैन कार्ड भी आवश्यक होगा।
4. मतदाता और पिता की उम्र में 50 वर्ष से अधिक या 15 वर्ष से कम का अंतर:
SIR वोटर लिस्ट, आधार कार्ड, 11 मान्य प्रमाण पत्रों में से कोई एक तथा पिता का आधार कार्ड या पैन कार्ड देना होगा।
5. दो भाई-बहनों की उम्र में नौ माह से कम का अंतर:
SIR वोटर लिस्ट, मतदाता का आधार कार्ड, 11 मान्य प्रमाण पत्रों में से कोई एक और किसी एक भाई या बहन का आधार कार्ड आवश्यक होगा।
दस्तावेजों को लेकर दिए गए जरूरी निर्देश
अभियान के दौरान बताया गया कि 11 सामान्य मान्य प्रमाण पत्रों में जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं का बोर्ड प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र, खतियान और वंशावली समेत अन्य सरकारी दस्तावेज शामिल हैं।
सभी मामलों में बीएलओ की रिपोर्ट संलग्न करना जरूरी बताया गया है। नाम या उपनाम में अंतर होने की स्थिति में बीएलओ का स्पष्ट मंतव्य भी आवश्यक होगा।
जमा किए जाने वाले दस्तावेजों पर मतदाता का स्व-अभिप्रमाणित हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान होना जरूरी है। वंशावली के संबंध में विशेष रूप से बताया गया कि मुखिया या वार्ड पार्षद द्वारा जारी वंशावली मान्य नहीं होगी। इसके लिए सक्षम प्राधिकारी या अंचल अधिकारी (सीओ) द्वारा जारी वंशावली ही स्वीकार्य होगी।
विवाहित महिला मतदाताओं के सत्यापन के लिए माता या पिता के विवरण से मैपिंग का प्रावधान रखा गया है। वहीं, उम्र से जुड़े चौथे और पांचवें मामलों में जन्मतिथि के प्रमाण के लिए विद्यालय प्रमाण पत्र को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। विद्यालय प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं होने पर पैन कार्ड या आधार कार्ड का उपयोग किया जा सकता है।
अभियान के दौरान ग्रामीणों को अपने मतदाता विवरण की जांच करने और आवश्यक दस्तावेज तैयार रखने की जानकारी दी गई, ताकि सत्यापन एवं सुधार की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की जा सके।




