मनीष सिंह
महुआडांड़ : जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण विभाग, लातेहार के निर्देशानुसार महुआडांड़ प्रखंड स्तरीय बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति (BLCWPC) के गठन को लेकर शुक्रवार को प्रखंड कार्यालय में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी संतोष बैठा ने की। इसमें प्रखंड प्रमुख, उपप्रमुख और पंचायत समिति के सदस्य मौजूद रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य महुआडांड़ प्रखंड को बाल-मैत्री प्रखंड बनाने की दिशा में आवश्यक पहल करना रहा। इस दौरान बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की भूमिका, जिम्मेदारियों और कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई। समिति की ओर से पंचायत और ग्राम स्तर पर गठित बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों की निगरानी करने के साथ जरूरतमंद बच्चों के लिए योजनाएं तैयार करने और उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।
समिति बाल श्रम, बाल तस्करी, बाल विवाह, बाल शोषण और स्कूल ड्रॉपआउट बच्चों को दोबारा विद्यालय से जोड़ने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम करेगी। इसके अलावा बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा को सुनिश्चित करना, जोखिम में रह रहे बच्चों की पहचान करना तथा उनके संरक्षण के लिए जरूरी कदम उठाना भी समिति की जिम्मेदारी होगी।
बैठक में बाल-मैत्री पंचायत और बाल-मैत्री ग्राम के निर्माण के लिए पंचायत एवं ग्राम स्तर पर नियमित निगरानी और बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। सदस्यों ने बच्चों से जुड़े मामलों में समय पर कार्रवाई और प्रभावी सहयोग की आवश्यकता पर चर्चा की।
बैठक के दौरान प्रखंड स्तरीय बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति का औपचारिक गठन किया गया। उपप्रमुख अभय मिंज को समिति का अध्यक्ष और प्रखंड विकास पदाधिकारी संतोष बैठा को सचिव बनाया गया। वहीं पंचायत समिति सदस्य रेखा किंडो, नीलम देवी, सुबंती कुजूर, इंदु किरण मिंज, सुभाष केरकेट्टा और निर्मला टोप्पो को समिति का सदस्य बनाया गया।
समिति के गठन के बाद उपस्थित सदस्यों ने बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और अधिकारों के संरक्षण के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई। साथ ही महुआडांड़ को बाल-मैत्री प्रखंड बनाने के लिए प्रभावी पहल करने पर सहमति बनी।
बैठक में प्रमुख कंचन कुजूर, उपप्रमुख अभय मिंज, सीआईएनआई के कलस्टर कॉर्डिनेटर बागेश्वर यादव सहित पंचायत समिति के सदस्य उपस्थित थे।




