गिरिडीह : जागो फाउंडेशन, गिरिडीह ने CRY-AM के सहयोग से सीसीएल क्षेत्र स्थित सामुदायिक भवन, योगीटांड़ में 30 किशोरियों के लिए एक दिवसीय नेतृत्व क्षमता विकास प्रशिक्षण आयोजित किया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किशोरियों में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और सामूहिक रूप से निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करना था।
प्रशिक्षण के दौरान परियोजना समन्वयक सरोजित कुमार ने कहा कि भारत की आबादी में किशोरियों की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है, लेकिन सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक बाधाओं के कारण वे अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल नहीं कर पातीं। बाल विवाह, उच्च शिक्षा से वंचित रहना, घरेलू हिंसा और निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में सीमित भागीदारी जैसी चुनौतियां आज भी उनके सामने बनी हुई हैं।
उन्होंने बताया कि इन चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए संस्था ने परियोजना क्षेत्र के सभी गांवों में किशोरी समूहों का गठन किया है। इन समूहों से जुड़ी किशोरियों में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और सामूहिक निर्णय लेने के कौशल को विकसित करने के उद्देश्य से यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण में किशोरियों को आत्मविश्वास और आत्मसम्मान विकसित करने, सामूहिक निर्णय लेने, कौशल विकास, किशोरियों के अधिकार तथा सरकार की विभिन्न योजनाओं और संसाधनों की जानकारी दी गई। साथ ही, उपलब्ध संसाधनों और योजनाओं तक पहुंच बनाने के लिए स्वयं पहल करने के तरीकों पर भी चर्चा हुई।
इस दौरान सार्वजनिक रूप से अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने, समुदाय के नेतृत्व में किशोरियों की भागीदारी बढ़ाने और समावेशी नेतृत्व शैली को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया गया। प्रशिक्षण को संवाद और गतिविधियों के माध्यम से अधिक सहभागी बनाया गया।
सामुदायिक कार्यकर्ता नीलम देवी ने प्रशिक्षण सत्र में किशोरियों के साथ विभिन्न विषयों पर संवाद किया। उन्होंने “मैं कौन हुं?”, “नेतृत्व क्या होता है?”, “सामूहिकता की ताकत”, “संचार कौशल”, “हमारे अधिकार”, “साइबर सुरक्षा” और “सोशल मीडिया का सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग कैसे करें” जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी साझा की।
प्रशिक्षण में शानिया कुमारी, सोनम कुमारी, सरस्वती, साहिन प्रवीन, ईशा प्रवीन, छोटी प्रवीन, मनोज टुडू सहित अन्य किशोरियां मौजूद रहीं। प्रशिक्षण के दौरान किशोरियों ने विभिन्न गतिविधियों, समूह चर्चाओं और संवाद सत्रों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।




