महुआडांड़ I महुआडांड़ जामा मस्जिद में गुरुवार को ग्यारहवीं शरीफ के अवसर पर सालाना जश्न-ए-गौस-ए-आजम कॉन्फ्रेंस और इनामी मुकाबले का आयोजन शानो-शौकत के साथ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कुरान पाक की तिलावत से हुई। इसके बाद मस्जिद के बच्चों के बीच विभिन्न धार्मिक एवं ज्ञानवर्धक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिसमें बच्चों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
इनामी मुकाबले में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को मेडल और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने बच्चों की हौसला अफजाई करते हुए उन्हें आगे भी धार्मिक शिक्षा और ज्ञान के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। वहीं, मस्जिद के उलेमाओं को भी कमेटी की ओर से तोहफा पेश कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जामा मस्जिद के इमाम हजरत मौलाना रियाजुद्दीन रजवी ने गौस-ए-पाक हजरत अब्दुल कादिर जिलानी की जीवनी और उनके जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बच्चों के इनामी मुकाबले की सराहना करते हुए कहा कि सभी बच्चों ने हदीस, दुआ, नात, तकरीर और सवाल-जवाब में बेहतर तरीके से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
इमाम ने कहा कि बच्चों में धार्मिक और नैतिक ज्ञान बढ़ाने के उद्देश्य से जामा मस्जिद में आगे भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें धार्मिक शिक्षा के साथ अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर भी मिलता है।
कार्यक्रम का संचालन कारी इकरामुल हक ने किया, जबकि निर्णायक की भूमिका मौलाना शोएब रजा हनफी ने निभाई। कार्यक्रम के समापन पर फातिहा, मिलादख्वानी और सलाम पेश किया गया। इसके बाद सामूहिक दुआ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद उपस्थित लोगों के बीच लंगर का वितरण किया गया।
मौके पर कारी अहमद रजा, कारी नदीम अख्तर, सदर मौलाना रेहान रजा, नायब सदर सद्दाम उर्फ शेरू, सचिव अब्दुल मतीन उर्फ गुड्डू, खजांची सुहेल अहमद, नायब खजांची मोहम्मद असलम, पूर्व सदर आजाद अहमद, हयूम अंसारी, इमरान अली, मास्टर अनीस, शाहिद कमाल, तसव्वर अंसारी, मोहम्मद सेराजुद्दीन, सफी अहमद समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।




