सिमडेगा I ग्रामीण क्षेत्र की महिला उद्यमियों और उभरते व्यवसायों को नई दिशा देने के उद्देश्य से झारखंड इन्क्यूबेटर कार्यक्रम का जिला स्तरीय शुभारंभ शनिवार को उपायुक्त कार्यालय के सभागार में हुआ। इस दौरान लॉन्च-कम-ओरिएंटेशन वर्कशॉप आयोजित कर उद्यमियों को व्यवसाय विस्तार, तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, नवाचार और बाजार से जुड़ने के अवसरों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपायुक्त कंचन सिंह, उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी, जिला परिषद अध्यक्ष रोस प्रतिमा सोरेंग, जिला परिषद उपाध्यक्ष सोनी पैकरा, जेएसएलपीएस राज्य कार्यालय के नॉन-फार्म एसपीएम नीतीश सिन्हा, आईआईएम कोलकाता की रिसोर्स पर्सन अश्रुता और स्नेहाशीष दास मौजूद रहे। जेएसएलपीएस की जिला कार्यक्रम प्रबंधक शांति मार्डी सहित जिला एवं प्रखंड स्तर के पदाधिकारी-कर्मी तथा विभिन्न व्यवसायों से जुड़ी उद्यमी दीदियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि झारखंड इन्क्यूबेटर कार्यक्रम भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा अनुमोदित पहल है। इसे झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी के सहयोग से आईआईएम कलकत्ता इनोवेशन पार्क द्वारा क्रियान्वित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य स्वयं सहायता समूह आधारित महिला उद्यमियों को गैर-कृषि क्षेत्र में सशक्त बनाना, उनके व्यवसाय का विस्तार करना, आय बढ़ाना और आजीविका को मजबूत करना है।
राज्य कार्यालय से आए प्रतिनिधियों ने बताया कि उत्पादन और सेवा क्षेत्र से 150 उद्यमियों का चयन किया जाएगा। चयनित उद्यमियों को 10 लाख रुपये तक अनुदान अथवा ब्याज-मुक्त ऋण के रूप में वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इसके साथ ही आईआईएम कलकत्ता इनोवेशन पार्क की ओर से व्यक्तिगत मार्गदर्शन और व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। उद्यमियों को ब्रांडिंग, व्यवसाय विकास, उपकरणों और तकनीकों की जानकारी, व्यावसायिक प्रक्रियाओं, नेटवर्किंग, बाजार संपर्क तथा सरकारी योजनाओं तक पहुंच बनाने में भी सहयोग मिलेगा।
कार्यक्रम के लिए केवल विनिर्माण, उत्पादन और सेवा क्षेत्र में काम करने वाले उद्यमी आवेदन कर सकते हैं। निर्धारित पात्रता के अनुसार ऐसे उद्यमी आवेदन के योग्य होंगे, जिनका व्यवसाय स्वयं सहायता समूह की सदस्यों, उनके परिवार या निकट संबंधियों से जुड़ा है। इसके अलावा पंजीकृत बड़े उद्यम, समूह उद्यम और व्यक्तिगत उद्यमी भी तय पात्रता के आधार पर आवेदन कर सकते हैं।
वर्कशॉप में व्यवसाय की पहचान और योजना तैयार करने, बाजार की मांग समझने, ग्राहक केंद्रित व्यवसाय, उत्पाद एवं सेवा की गुणवत्ता, वित्तीय प्रबंधन, व्यवसाय विस्तार, नवाचार, ब्रांडिंग और बाजार से जुड़ाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। आईआईएम कोलकाता की रिसोर्स पर्सन ने उद्यमियों से संवाद करते हुए व्यवसाय में नवाचार, बेहतर प्रबंधन और बाजार की जरूरत के अनुरूप बदलाव अपनाने पर जोर दिया।
ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक और पात्र उद्यमी निर्धारित ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
झारखंड इन्क्यूबेटर कार्यक्रम के माध्यम से सिमडेगा जिले में ग्रामीण महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने, पहले से संचालित व्यवसायों को मजबूत और व्यवस्थित बनाने तथा उद्यमियों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन और बाजार से जोड़ने की पहल की जा रही है। इससे महिला उद्यमियों के व्यवसाय विस्तार के साथ उनकी आय बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।




