संतोष सिंह ने भाजपा पर साधा निशाना, कहा- आंदोलन को राजनीतिक मोहरा न बनाएं

धनबाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने छात्रों से संवाद और समाधान का रास्ता अपनाने की अपील की और भाजपा पर आंदोलन को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।

मनीष सिन्हा

धनबाद : धनबाद जिला कांग्रेस कमिटी के जिलाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने छात्र आंदोलन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी जन आंदोलन का अंतिम उद्देश्य समाधान होना चाहिए, न कि अनावश्यक टकराव या अराजकता। संतोष सिंह ने कहा कि जब छात्रों की अधिकांश मांगों पर सरकार की ओर से सकारात्मक पहल हुई है और आंदोलनकारी पक्ष के साथ सहमति का रास्ता अपनाया गया है, तो आंदोलन को सम्मानजनक तरीके से समाप्त करने पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवाद, समझदारी और सकारात्मक पहल ही स्थायी समाधान का आधार हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने छात्रों और युवाओं से भावनाओं में बहने के बजाय तथ्यों के आधार पर निर्णय लेने की अपील की। उनके अनुसार आंदोलन को अनावश्यक रूप से लंबा खींचने से छात्रों के मूल उद्देश्य पर असर पड़ सकता है।

भाजपा पर आंदोलन को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने का आरोप

संतोष कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी राज्य में चल रहे छात्र आंदोलन को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीति जनभावनाओं को भड़काने और आंदोलनों को अपने राजनीतिक हित में मोड़ने पर आधारित रही है।

उन्होंने छात्र आंदोलन को राजनीतिक मोहरा बनाने की कोशिश को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। हालांकि, भाजपा की ओर से इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आंदोलनकारी नेतृत्व से सतर्क रहने की अपील

कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि कुछ शक्तियां जानबूझकर मुद्दे को भटकाने और राज्य के सामाजिक माहौल को प्रभावित करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने आंदोलनकारी नेतृत्व से जिम्मेदारी, गंभीरता और दूरदर्शिता के साथ आगे बढ़ने की अपील की।

उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य और उनके हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए तथा उन ताकतों से सतर्क रहने की जरूरत है, जो आंदोलन को अपने राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल करना चाहती हैं।

‘समाधान ही रास्ता है, टकराव नहीं’

संतोष कुमार सिंह ने कहा कि झारखंड के छात्र और युवा समझदार हैं और उन्हें किसी के बहकावे में नहीं आना चाहिए। उन्होंने संवाद और सकारात्मक पहल को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा, “समाधान ही रास्ता है, टकराव नहीं। संवाद से समाधान और समाधान से विकास का मार्ग निकलता है। हमें संघर्ष को राजनीतिक स्वार्थ का माध्यम नहीं, बल्कि जनहित के समाधान का माध्यम बनाना होगा।”

Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी-अभी.