समारोह का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. संदीप कुमार अग्रवाल, विशिष्ट अतिथि डॉ. रश्मि प्रसाद, अग्रवाल सभा के अध्यक्ष अजय मित्तल, सचिव राजेश गोयल और कोषाध्यक्ष अनीश मित्तल सहित अन्य अतिथियों ने महाराजा अग्रसेन के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद समाज की युवतियों ने भगवान श्रीगणेश की वंदना और कुलदेवी माता महालक्ष्मी की आराधना प्रस्तुत की।
कार्यक्रम के दौरान अग्रवाल सभा के पदाधिकारियों ने उपस्थित अतिथियों और समाज के लोगों को महाराजा अग्रसेन के जीवन, उनके विचारों और सामाजिक योगदान से अवगत कराया। वक्ताओं ने बताया कि महाराजा अग्रसेन को अग्रवाल समाज का आराध्य और अग्रकुल का प्रवर्तक माना जाता है। उन्होंने अपने राज्य अग्रोहा में एक रुपया और एक ईंट देने की परंपरा का संदेश दिया था, जिसका उद्देश्य जरूरतमंदों को सहयोग देकर उन्हें समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर प्रदान करना था। उनके शासनकाल में सुख-शांति और सामाजिक समरसता को विशेष महत्व दिया जाता था। उनके 18 पुत्रों का उल्लेख भी समाज की परंपराओं और ऐतिहासिक मान्यताओं के संदर्भ में किया गया।
समारोह में सोनाली अग्रवाल, भावना कुमारी और नंदन अग्रवाल ने मंच संचालन किया। इस दौरान कई रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिन्होंने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। सामान्य ज्ञान, वाद-विवाद, मेहंदी, लेखन, नृत्य, रंगोली, ‘आओ अंदाज लगाएं’ और संगीत प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इसके अलावा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से प्रोत्साहन कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
अग्रवाल सभा की ओर से आयोजित नृत्य, भाषण और अन्य प्रतियोगिताओं में सफल प्रतिभागियों को अतिथियों ने खुले मंच से पुरस्कार देकर सम्मानित किया। उनकी कला और प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी बेहतर करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। वहीं, शिशु कक्षा से लेकर उच्चतर शिक्षा तक उत्कृष्ट प्रदर्शन कर समाज और जिले का नाम रोशन करने वाले बच्चों को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
हर वर्ष की परंपरा को जारी रखते हुए इस बार भी समारोह में विशिष्ट अतिथियों के साथ दो दर्जन से अधिक बुजुर्गों को समाज की ओर से सम्मान प्रदान किया गया। आयोजन के दौरान समाज के लोगों ने आपसी सहयोग, वरिष्ठजनों के सम्मान और नई पीढ़ी को बेहतर अवसर देने की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया।
महाराजा अग्रसेन के आदर्श आज भी प्रासंगिक : डॉ. संदीप अग्रवाल
मुख्य अतिथि डॉ. संदीप अग्रवाल ने महाराजा अग्रसेन के जीवन, विचारों और आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके सिद्धांत आज भी समाज के लिए प्रासंगिक हैं। महाराजा अग्रसेन ने समानता, भाईचारे, आपसी सहयोग और जनकल्याण की भावना को बढ़ावा दिया। उनके आदर्शों को अपनाकर ही एक सशक्त, समरस और जिम्मेदार समाज का निर्माण किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि अग्रसेन जयंती केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि महाराजा अग्रसेन के विचारों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लेने का दिन भी है। समाज की प्रगति के लिए सभी को एकजुट होकर शिक्षा, स्वास्थ्य, जरूरतमंदों की सहायता और सामाजिक कल्याण से जुड़े कार्यों में योगदान देना चाहिए।
डॉ. अग्रवाल ने युवाओं से समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील करते हुए कहा कि आपसी मतभेदों को दूर कर एकता और सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ना समय की आवश्यकता है। महाराजा अग्रसेन के आदर्श समाज के प्रत्येक वर्ग के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का भाव रखने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने सभी से इन सिद्धांतों को आत्मसात करने और समाज तथा राष्ट्र के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
अग्रवाल सभा के अध्यक्ष अजय मित्तल ने कहा कि महाराजा अग्रसेन ने मानव समाज को नई दिशा देने का कार्य किया। उनके विचारों और सिद्धांतों का अनुसरण करने से न केवल अग्रवाल समाज, बल्कि पूरे देश के विकास को गति मिल सकती है। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को महाराजा अग्रसेन की सोच और आदर्शों से प्रेरणा लेकर सामाजिक कार्यों में आगे आना चाहिए। उनके विचार आज भी समाज में एकता, सहयोग और सद्भाव को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
समारोह में ज्ञानचंद प्रसाद अग्रवाल, शशिधर अग्रवाल, चंद्रशेखर अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल, कुमार नीरव, सुनील अग्रवाल, अविनाश कुमार, राहुल कौशल, कमल अग्रवाल, रीता अग्रवाल, रमेश अग्रवाल, कनकलता अग्रवाल, बबली कुमारी, अभय अग्रवाल, लक्ष्मी मित्तल, अनीश मित्तल, राखी अग्रवाल और खुशबू अग्रवाल सहित अग्रवाल समाज के बड़ी संख्या में महिला-पुरुष और बच्चे उपस्थित थे।




