मेदिनीनगर : पलामू जिले के शहर थाना क्षेत्र में पांकी रोड स्थित जीवन ज्योति नर्सिंग होम में दो प्रसूताओं और एक नवजात शिशु की मौत के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। उपायुक्त के निर्देश पर गठित जांच दल की रिपोर्ट के बाद प्रशासन ने नर्सिंग होम को सील कर दिया। जांच के दौरान अस्पताल में गंभीर अनियमितताओं और मरीजों की देखभाल में लापरवाही सामने आने की बात कही गई है। मामले में डॉ. प्रिया सिन्हा और डॉ. राकेश कुमार के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गई है।
जानकारी के अनुसार, नर्सिंग होम में इलाज के दौरान पाटन क्षेत्र की सुमन कुमारी और गढ़वा की पूजा कुमारी की प्रसव के बाद मौत हो गई थी। बताया गया कि दोनों की तबीयत बिगड़ने और अत्यधिक रक्तस्राव होने के बाद उनकी जान चली गई। इसी दौरान एक नवजात शिशु की भी मौत हुई थी। घटना के बाद मामला चर्चा में आया और अस्पताल में इलाज की व्यवस्था तथा चिकित्सकीय लापरवाही को लेकर सवाल उठने लगे।
जांच में सामने आईं गंभीर खामियां
मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त के निर्देश पर सिविल सर्जन डॉ. अनिल श्रीवास्तव ने पांच सदस्यीय जांच टीम का गठन किया था। टीम ने अस्पताल की व्यवस्था और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं की जांच की। औचक निरीक्षण के दौरान मरीजों की देखभाल के लिए केवल एक एएनएम के मौजूद रहने समेत कई गंभीर खामियां सामने आने की जानकारी दी गई।
जांच के बाद प्रशासन ने अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया। बीते दिन प्रशिक्षु आईएएस ऋत्विक मेहता, सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय पांडेय और लेस्लीगंज के अंचल अधिकारी सह सदर प्रखंड विकास पदाधिकारी की उपस्थिति में जीवन ज्योति नर्सिंग होम को सील कर दिया गया।
दो डॉक्टरों के खिलाफ प्राथमिकी
प्रशिक्षु आईएएस ऋत्विक मेहता ने बताया कि उपायुक्त के निर्देश पर गठित जांच टीम की रिपोर्ट में अस्पताल की लापरवाही और गड़बड़ियां सामने आई थीं। इसी आधार पर नर्सिंग होम को सील किया गया है। उन्होंने बताया कि मामले में दोषी पाए जाने वाले डॉ. प्रिया सिन्हा और डॉ. राकेश कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
दो प्रसूताओं और एक नवजात की मौत के बाद हुई इस कार्रवाई से निजी अस्पतालों में मरीजों की देखभाल, चिकित्सकीय सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे हैं। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच और संबंधित प्रक्रिया के आधार पर की जाएगी।



