अब्दुल बारीक
रातू : रातू किला की ऐतिहासिक दुर्गा पूजा के भव्य और सफल आयोजन को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में शनिवार को रातू पैलेस में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। प्रमुख संगीता देवी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पूजा की तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था और पारंपरिक रीति-रिवाजों के पालन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस वर्ष भी रातू किला की दुर्गा पूजा हर साल की तरह पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य रूप से संपन्न कराई जाएगी। आयोजकों ने पूजा की धार्मिक परंपराओं को बनाए रखने के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
बेलवरन से प्रतिमा विसर्जन तक स्वयंसेवकों की रहेगी अहम भूमिका
बैठक में बेलवरन (आमंत्रण) से लेकर मां दुर्गा की प्रतिमा के विसर्जन तक होने वाले सभी धार्मिक और व्यवस्थागत कार्यों की रूपरेखा तैयार की गई। आयोजन को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर सहमति बनी।
आयोजकों का मानना है कि स्वयंसेवकों के सहयोग से पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही, धार्मिक अनुष्ठानों और अन्य व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में मदद मिलेगी। इसके लिए सभी संबंधित लोगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की मांग
दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर विशेष चर्चा हुई। बैठक में स्थानीय प्रशासन से पर्याप्त संख्या में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की मांग की गई, ताकि पूजा का आयोजन शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों और गणमान्य लोगों ने आयोजन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के महत्व पर चर्चा की। आयोजकों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन के सहयोग से पूजा के दौरान सभी आवश्यक व्यवस्थाएं बेहतर तरीके से संचालित होंगी।
बैठक में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में राज पुत्री माधुरी मंजरी देवी, डीएसपी अजय आर्यन, थाना प्रभारी आदिकांत महतो, सब इंस्पेक्टर प्रियंका कुमारी, महेश कुशवाहा और बिशेश्वर राय सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोग एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में आयोजकों ने विश्वास जताया कि प्रशासन, आयोजन समिति, स्वयंसेवकों और क्षेत्रवासियों के आपसी सहयोग से इस वर्ष भी रातू किला की ऐतिहासिक दुर्गा पूजा भव्यता, पारंपरिक गरिमा और शांतिपूर्ण वातावरण के साथ संपन्न होगी।




