इस अवसर पर अग्रसेन जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित खेलकूद और रचनात्मक प्रतियोगिताओं के विजेताओं एवं उपविजेताओं को अतिथियों ने मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। वहीं, शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं को उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और अग्रवाल समाज के संरक्षकों ने विशेष रूप से सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया।
कार्यक्रम की शुरुआत में अग्रवाल सभा के पदाधिकारियों ने अतिथियों का शॉल ओढ़ाकर और बुके भेंट कर स्वागत किया। समारोह को सफल बनाने में अग्रवाल सभा, अग्रवाल महिला समिति और अग्रवाल युवा समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
परोपकार और सेवा अग्रवाल समाज की पहचान: डीसी
समारोह को संबोधित करते हुए उपायुक्त कंचन सिंह ने कहा कि अग्रवाल समाज का गौरवशाली इतिहास परोपकार, त्याग और जनसेवा की परंपरा से जुड़ा रहा है। समाज के लोग पीढ़ियों से सेवा और परोपकार के मार्ग पर चलते हुए जरूरतमंदों की सहायता करते आए हैं। उन्होंने कहा कि सभी का दायित्व है कि अपने पूर्वजों और महाराजा अग्रसेन के दिखाए मार्ग पर चलते हुए इस समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाएं तथा जिले के सर्वांगीण विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
डीसी ने महिलाओं से भी समाज के माध्यम से रचनात्मक कार्यों में आगे आने की अपील की। उन्होंने महाराजा अग्रसेन जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके आदर्शों और संकल्पों को अपनी जीवनशैली में अपनाना चाहिए। परोपकार, सेवा और आपसी सहयोग की भावना से समाज को मजबूत बनाने के साथ जिले के विकास को भी नई दिशा दी जा सकती है।
‘एक रुपया, एक ईंट’ का सिद्धांत सामाजिक समरसता की नींव: एसपी
पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस. खोटरे ने अग्रवाल समाज की एकजुटता की सराहना करते हुए कहा कि महाराजा अग्रसेन द्वारा प्रतिपादित ‘एक रुपया और एक ईंट’ का सिद्धांत सामाजिक समानता और परस्पर सहयोग का अनुपम संदेश देता है। यह परंपरा समाज के लोगों को एक-दूसरे की सहायता करने और जरूरतमंदों के साथ खड़े रहने की प्रेरणा देती है।
एसपी ने कहा कि महाराजा अग्रसेन ने लगभग पांच हजार वर्ष पूर्व जिन आदर्शों की स्थापना की थी, वे आज भी प्रासंगिक हैं। उनके विचारों को अपनाकर समाज में एकता, समानता और सहयोग की भावना को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने सभी लोगों से इस सिद्धांत को आत्मसात करने और जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने सभी को महाराजा अग्रसेन जयंती की शुभकामनाएं दीं।
समारोह के माध्यम से सामाजिक समरसता, परोपकार, शिक्षा और जनसेवा का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में प्रतिभाओं को सम्मानित कर उनका मनोबल बढ़ाने के साथ महाराजा अग्रसेन के आदर्शों को जीवन में अपनाने की अपील की गई।




