प्रतापगढ़ : नगर कोतवाली क्षेत्र के महुली मोहल्ले में जर्जर मकान ढहने से एक ही परिवार के छह लोगों की मौत के बाद शुक्रवार को कुंडा विधायक एवं जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने हादसे में जीवित बचे अमन श्रीवास्तव और अन्य परिजनों से मुलाकात कर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की और इस मुश्किल घड़ी में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
महुली स्थित पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर राजा भैया ने हादसे को बेहद हृदयविदारक बताया। उन्होंने कहा कि कुछ घटनाएं ऐसी होती हैं, जिन्हें शब्दों में बयां करना मुश्किल होता है। महुली की यह त्रासदी पूरे प्रतापगढ़ को गहरे सदमे में डालने वाली है। उन्होंने कहा कि ईश्वर की कृपा से अमन श्रीवास्तव इस भीषण हादसे में बच गए, लेकिन एक ही परिवार के छह सदस्यों को खोने की पीड़ा की भरपाई संभव नहीं है।
राजा भैया ने शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में वह और उनकी पार्टी पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में समाज और प्रशासन को मिलकर परिवार का सहारा बनना चाहिए। उन्होंने दिवंगत लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए परिजनों को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति देने की कामना की।
परिजनों से मुलाकात के दौरान राजा भैया ने स्थानीय लोगों से भी बातचीत की और हादसे से जुड़ी जानकारी ली। उनके पहुंचने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग, समर्थक और स्थानीय नागरिक मौके पर पहुंच गए। पूरे इलाके में शोक का माहौल बना रहा।
गौरतलब है कि छह अगस्त को महुली मोहल्ले में वर्षों पुराने जर्जर मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई थी। हादसे में एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हो गई थी, जबकि अमन श्रीवास्तव किसी तरह सुरक्षित बच गए। घटना के बाद पूरे जनपद में शोक की लहर दौड़ गई थी।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को 26.20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा जिले में जर्जर भवनों का सर्वे कराया जा रहा है। ऐसे मकानों में रह रहे परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और पात्र लोगों को आवासीय योजनाओं का लाभ दिलाने की कार्रवाई भी शुरू की गई है।
राजा भैया ने कहा कि महुली की घटना सभी के लिए गंभीर चेतावनी है। जर्जर भवनों की समय रहते पहचान कर जरूरी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी परिवार को इस तरह की अपूरणीय क्षति का सामना न करना पड़े।




