जांच के दौरान प्रतिष्ठानों की रसोई, खाद्य पदार्थ तैयार करने की प्रक्रिया, उनके रखरखाव और साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लिया गया। विभाग के अनुसार, कई स्थानों पर खाद्य सामग्री को अस्वच्छ तरीके से रखने और तैयार करने के साथ-साथ स्वच्छता से जुड़ी कमियां पाई गईं। इस पर चंपारण मीट हाउस सहित संबंधित प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किया गया। उन्हें खाद्य पदार्थों की तैयारी और भंडारण में स्वच्छता मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए।
विभाग ने सरायढेला क्षेत्र में सड़क किनारे खाद्य सामग्री बेचने वाले विक्रेताओं को भी खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करने को कहा। सभी संबंधित कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा इसके तहत लागू नियमों और विनियमों के प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
अभियान में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी विजया परमार, चंदन कुमार शॉ, जैस्मीन केरकेट्टा, नैना नायक और चंद्रदेव गंजू शामिल रहे। जांच के दौरान मोबाइल फूड टेस्टिंग लैबोरेटरी (एमएफटीएल) की टीम ने भी सहयोग किया। टीम ने विभिन्न खाद्य पदार्थों की मौके पर जांच कर उनकी गुणवत्ता का आकलन किया और मिलावट की आशंका वाले खाद्य पदार्थों की पहचान करने में मदद की।
त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के मद्देनजर विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, साफ-सफाई और निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुपालन पर निगरानी रखना है।




