मनीष सिन्हा
धनबाद : शिक्षा को जीवन की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए पर्यावरण कार्यकर्ता रवि कुमार निषाद ने कहा कि शिक्षा ऐसी अमृतधारा है, जिसके पान से मनुष्य की ज्ञानेंद्रियां विकसित होती हैं और वह अपनी मनोकामनाओं व मंजिल को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। उन्होंने यह बात 5 सितंबर 2026 को शिक्षक दिवस के अवसर पर डिगवाडीह स्थित राजीव गांधी मेमोरियल टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में आयोजित समारोह के दौरान कही।
कॉलेज परिसर में आयोजित कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. आरके चौबे मौजूद रहे, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. सुलेन्द्र प्रसाद और पर्यावरण अतिथि के रूप में रवि कुमार निषाद शामिल हुए। समारोह के दौरान कॉलेज के सभी शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही छात्र-छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों और पदाधिकारियों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में चलाए जा रहे 1 करोड़ पौधारोपण महाअभियान का भी उल्लेख हुआ। इस अभियान के तहत अब तक 3,19,645 पौधारोपण किए जाने पर ‘दा ट्री मैन’ रवि कुमार निषाद और जय धरती मां फाउंडेशन को सम्मानित किया गया। डॉ. सुलेन्द्र प्रसाद ने उन्हें सम्मान प्रदान किया।
मुख्य अतिथि डॉ. सुलेन्द्र प्रसाद ने कहा कि आजादी के बाद भारत ने शिक्षा के क्षेत्र में लगातार प्रगति की है और विश्व पटल पर अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को केवल किताबी शिक्षा देना पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ सकारात्मक हुनर भी प्रदान करना होगा, ताकि उनमें आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन की भावना विकसित हो सके।
पर्यावरण अतिथि रवि कुमार निषाद ने शिक्षक दिवस पर सभी शिक्षकों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि गुरु ही जीवन को सही दिशा देने वाले सच्चे मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को कर्म, अनुशासन और जीवन के मूल्यों की सीख देते हैं। कोई व्यक्ति वैज्ञानिक या किसी भी क्षेत्र में कितना ही आगे क्यों न बढ़ जाए, गुरु के मार्गदर्शन के बिना उसकी सफलता का मार्ग सार्थक नहीं हो सकता।
उन्होंने शिक्षकों से पर्यावरण संरक्षण और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की भी अपील की। कार्यक्रम के अंत में संयोजक डॉ. कौर ने समारोह में पहुंचे सभी अतिथियों और पदाधिकारियों का सम्मानपूर्वक स्वागत एवं अभिनंदन किया।




