मनीष सिन्हा
धनबाद : MMDR कानून के विरोध में 5 सितंबर 2026 को घनवाडीह गोधर स्थित झामुमो नेता आनंद रवानी के आवासीय परिसर में बैठक आयोजित की गई। बैठक में कानून को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने की रणनीति पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में झामुमो केंद्रीय सदस्य सह पैनलिस्ट डॉ. नीलम मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
अपने संबोधन में डॉ. नीलम मिश्रा ने MMDR कानून को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कानून झारखंड की खनिज संपदा पर कब्जा करने और झारखंडियों के हक-अधिकार छीनने के उद्देश्य से बनाया गया है। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार और प्रदेश की जनता इसे कभी सफल नहीं होने देगी।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि आगामी 7 सितंबर 2026 को चिरागोड़ा स्थित अंचल कार्यालय में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन के माध्यम से केंद्र सरकार के समक्ष विरोध दर्ज कराया जाएगा और उसे झारखंड के हितों के प्रति जवाबदेह बनाने का प्रयास किया जाएगा।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे झामुमो नेता आकाश रवानी ने भी MMDR कानून को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र के खनिज संसाधनों पर भाजपा कार्यकर्ताओं की नजर है और इसके जरिए इलाके में अराजकता फैलाने तथा झारखंड की जनता को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि झामुमो इन मंसूबों को सफल नहीं होने देगा।
बैठक में झामुमो नेता सह 20 सूत्री सदस्य राजू प्रमाणिक, राहुल चौहान, सुधीर रजक, शमशेर आलम, अरुण चौधरी, पुनीत सिंह, राजू विश्वकर्मा, सुबोध सिंह, अजीत महतो, पिंटू यादव सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।
बैठक के दौरान आगामी धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की गई। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से आंदोलन को मजबूती देने का आह्वान किया।




