नावाडीह (बोकारो)। नावाडीह प्रखंड के ऊपरघाट क्षेत्र में बनकटवा मोड़ स्थित बजरंगबली स्थान से केंदैया मोड़ तक करीब दो किलोमीटर सड़क की हालत बेहद जर्जर हो गई है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, वहीं बरई मुख्य मार्ग की पुलिया करीब दो माह से टूटी पड़ी है। शनिवार की अहले सुबह इसी जर्जर पुलिया के कारण एक युवक हादसे का शिकार हो गया और पुलिया के नीचे जा गिरा। हालांकि स्थानीय लोगों की तत्परता से उसकी जान बच गई, लेकिन उसे काफी चोटें आई हैं।
जानकारी के अनुसार बरई निवासी राहुल साव वाहन से कहीं जा रहा था। इसी दौरान टूटी पुलिया के पास वाहन अनियंत्रित हो गया और वह वाहन समेत नीचे जा गिरा। बताया गया कि युवक के वाहन पर भारी सामान भी बंधा हुआ था, जिससे हादसा और गंभीर हो सकता था। घटना के बाद राधेश्याम साव, अजय साव, बालेश्वर रजक और रूपेश महतो समेत अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे और युवक को बाहर निकाला।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि पुलिया की हालत लंबे समय से खराब है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों के कारण दिन में भी आवागमन मुश्किल है, जबकि रात के समय दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। इस मार्ग से स्कूली बच्चों, किसानों और रोजाना आने-जाने वाले हजारों ग्रामीणों का आवागमन होता है। नावाडीह से ऊपरघाट को जोड़ने वाली यह महत्वपूर्ण सड़क होने के बावजूद इसकी मरम्मत नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है।
युवा आजसू नेता सह पूर्व सांसद प्रतिनिधि दीपू अग्रवाल ने सोशल मीडिया के माध्यम से नावाडीह बीडीओ और बोकारो उपायुक्त से मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए टूटी पुलिया और जर्जर सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के लिए गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी से करीब एक वर्ष पूर्व अनुशंसा कराई जा चुकी है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
दीपू अग्रवाल ने पंचायत स्तर की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पंचायत सेवक का दायित्व है कि क्षेत्र की गंभीर समस्याओं से समय रहते प्रखंड प्रशासन को अवगत कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि टूटी पुलिया और जर्जर सड़क की तत्काल मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पुलिया की तत्काल मरम्मत कर सड़क को आवागमन योग्य बनाया जाए, ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके। मौके पर धनेश्वर तुरी, राहुल साव, सुनील मंडल, संतोष अग्रवाल सहित अन्य ग्रामीण मौजूद थे।




