डिस्पैच और हाइवा परिचालन पर नहीं बनी बात, बंदी के खतरे में कोलियरी

तेतरियाखाड़ कोलियरी से कोयला डिस्पैच और बालूमाथ साइडिंग तक हाइवा परिचालन पर सीसीएल व विस्थापितों में सहमति नहीं बनी, बैठक बेनतीजा रही।

 

लातेहार I बालूमाथ प्रखंड मुख्यालय स्थित होटल लोटस में बुधवार को सीसीएल की तेतरियाखाड़ कोलियरी के संचालन और कोयला डिस्पैच को लेकर रैयतों, ट्रक मालिकों, विस्थापितों, प्रभावित ग्रामीणों, लिफ्टरों और डीओ धारकों के साथ बैठक हुई। बैठक में कोलियरी को नियमित रूप से संचालित रखने और बालूमाथ साइडिंग के लिए कोयला परिवहन शुरू कराने को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। हालांकि, कई मुद्दों पर विस्थापित ग्रामीणों और सीसीएल अधिकारियों के बीच सहमति नहीं बन सकी और बैठक बिना किसी ठोस निर्णय के समाप्त हो गई।

बैठक में बताया गया कि तेतरियाखाड़ कोलियरी के संचालन से संबंधित फंड सीसीएल मुख्यालय स्तर से बंद कर दिए गए हैं। इसके चलते कोलियरी के निकट भविष्य में बंद होने की आशंका जताई गई। अधिकारियों के अनुसार, लंबे समय से अपेक्षित मात्रा में कोयला डिस्पैच नहीं होने के कारण सीसीएल को लगातार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। बैठक में बताया गया कि कोलियरी का घाटा बढ़कर करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है।

सीसीएल अधिकारियों ने कहा कि संचालन मद की राशि तत्काल प्रभाव से बंद होने के बाद राजस्व प्राप्ति के लिए कोलियरी से कोयला डिस्पैच शुरू करना जरूरी हो गया है। इसके लिए रोड सेल के माध्यम से ट्रकों से कोयला भेजने के साथ बालूमाथ साइडिंग तक हाइवा वाहनों से कोयला परिवहन शुरू कराने की आवश्यकता बताई गई।

अधिकारियों के मुताबिक दोनों माध्यमों से कोयला डिस्पैच शुरू होने से तेतरियाखाड़ कोलियरी का संचालन जारी रखने में मदद मिल सकती है। इसी को लेकर बैठक में रोड सेल के ट्रकों और बालूमाथ साइडिंग के लिए हाइवा वाहनों के परिचालन में समन्वय बनाने तथा विस्थापितों, ट्रक मालिकों और सीसीएल के बीच आपसी तालमेल स्थापित करने पर चर्चा हुई।

सीसीएल की ओर से संबंधित पक्षों से सहयोग की अपील की गई, लेकिन विस्थापित ग्रामीणों द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों पर अधिकारियों के साथ सहमति नहीं बन सकी। नतीजतन कोयला डिस्पैच शुरू करने और हाइवा परिचालन को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं हो पाया।

बैठक में तेतरियाखाड़ परियोजना पदाधिकारी जयप्रकाश रावत, गिरधारी यादव, गंगेश्वर यादव समेत बड़ी संख्या में विस्थापित ग्रामीण, ट्रक मालिक, लिफ्टर, डीओ धारक और सीसीएल कर्मी मौजूद थे।

Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *