मार्च के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और जनता के मताधिकार को सुरक्षित रखने की मांग उठाई गई। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कथित वोट चोरी पर रोक लगाने, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया समाप्त करने, ईवीएम के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने और ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की। इस दौरान लोकतंत्र को मजबूत बनाने तथा संविधान की मूल भावना की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प भी दोहराया गया।
निष्पक्ष चुनाव और मताधिकार की सुरक्षा जरूरी: भूषण बाड़ा
विधायक भूषण बाड़ा ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए निष्पक्ष चुनाव और जनता के मताधिकार की सुरक्षा बेहद जरूरी है। जनता का एक-एक वोट देश के भविष्य और लोकतांत्रिक व्यवस्था की दिशा तय करता है। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति लोगों का विश्वास कायम रहे।
उन्होंने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता, न्याय और स्वतंत्रता का अधिकार प्रदान करता है। संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। कांग्रेस पार्टी जनता के अधिकारों की सुरक्षा और संविधान की मूल भावना को बनाए रखने के लिए लगातार संघर्ष कर रही है।
भूषण बाड़ा ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सर्वोपरि होती है। मताधिकार की रक्षा और संवैधानिक न्याय को मजबूत बनाना लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियादी जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता के अधिकारों की सुरक्षा और संविधान के मूल सिद्धांतों को बनाए रखने के लिए कांग्रेस का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।




