नगड़ी : विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) के दौरान सामने आ रही विसंगतियों और उससे परेशान मतदाताओं की समस्याओं को लेकर आमया संगठन ने आवाज बुलंद की है। संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल ने 24 सितंबर को प्रखंड विकास पदाधिकारी, नगड़ी दीपाली भगत के माध्यम से मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड के नाम मांग पत्र सौंपकर सुनवाई की अंतिम तिथि बढ़ाने और आवश्यक प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने की मांग की।
संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष एस. अली ने कहा कि SIR-2026 के तहत बड़ी संख्या में मतदाताओं को विभिन्न विसंगतियों को लेकर नोटिस जारी किया गया है। लेकिन जानकारी के अभाव और अशिक्षा के कारण कई लोगों के पास शैक्षणिक प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, पारिवारिक सूची समेत मांगे गए अन्य प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में नोटिस में मांगे गए साक्ष्य जमा करना उनके लिए मुश्किल हो गया है।
एस. अली ने कहा कि समस्या केवल दस्तावेजों की कमी तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को आवश्यक साक्ष्य जुटाने के लिए पर्याप्त समय भी नहीं मिल रहा है। ग्रामीण और जरूरतमंद परिवारों के लिए कम समय में सभी प्रमाण-पत्र तैयार कराकर निर्वाचन संबंधी सुनवाई में प्रस्तुत करना बड़ी चुनौती बन गया है।
उन्होंने बताया कि झारखंड सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की ओर से अंचल अधिकारियों और उपायुक्तों को राज्य के निवासियों की विभिन्न जरूरतों के लिए जाति, आय, स्थानीय निवासी और ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र ऑनलाइन तथा ऑफलाइन जारी करने के स्पष्ट निर्देश पहले से दिए गए हैं। संगठन का आरोप है कि जमीनी स्तर पर इन निर्देशों का अपेक्षित अनुपालन नहीं हो रहा है, जिससे आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
आमया संगठन ने रखीं चार प्रमुख मांगें
संगठन ने मांग की है कि SIR-2026 के लिए 30 सितंबर 2026 तक निर्धारित अंतिम तिथि को आगे बढ़ाया जाए, ताकि सभी प्रभावित लोगों को अपनी बात रखने और जरूरी साक्ष्य प्रस्तुत करने का पर्याप्त अवसर मिल सके।
दूसरी मांग के तहत जाति प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर चुके लोगों को ये दस्तावेज अविलंब जारी करने की मांग की गई है।
संगठन ने यह भी कहा है कि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड के दिशानिर्देशों के अनुसार जिन लोगों ने खतियान के साथ वंशावली और पारिवारिक सूची तैयार कराने के लिए आवेदन किया है, उनके आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।
इसके अलावा मानवीय आधार पर मुखिया, वार्ड पार्षद या स्थानीय जनप्रतिनिधि द्वारा जारी प्रमाण-पत्र तथा स्वयं घोषित शपथ पत्र या घोषणा पत्र के आधार पर भी मामलों के निष्पादन की अनुमति देने की मांग की गई है।
मांग पत्र सौंपने के दौरान संगठन के केंद्रीय सचिव हारिश आलम, इस्मे आज़म, आरिफ अंसारी, उपाध्यक्ष जिला रांची ग्रामीण युवा कांग्रेस, सलमान साजिद, नगड़ी प्रखंड अध्यक्ष युवा कांग्रेस, शेख अयूब, सुजीत उरांव, सन्नी उरांव, इम्तियाज समेत संगठन के अन्य सदस्य मौजूद रहे।



