समस्तीपुर : जन सुराज पार्टी के दो वर्ष पूरे होने पर रोसड़ा जन सुराज संगठन के मुख्य प्रवक्ता श्याम सुन्दर पासवान ने पार्टी से जुड़े कार्यकर्ताओं और समर्थकों को बधाई दी। उन्होंने जन सुराज की स्थापना से लेकर अब तक की राजनीतिक यात्रा और बिहार में संगठन के विस्तार का उल्लेख करते हुए पार्टी की भावी भूमिका पर अपनी बात रखी।
श्याम सुन्दर पासवान ने कहा कि जन सुराज अभियान की शुरुआत प्रशांत किशोर के नेतृत्व में 2 मई 2022 को हुई थी। इसके बाद 2 अक्टूबर 2022 को पश्चिम चंपारण स्थित गांधी आश्रम से राज्यव्यापी पदयात्रा की शुरुआत की गई। उन्होंने कहा कि करीब दो वर्षों तक प्रशांत किशोर और उनकी टीम ने बिहार के विभिन्न इलाकों का दौरा किया तथा 5,000 से अधिक गांवों में पहुंचकर स्थानीय लोगों के साथ संवाद किया।
उन्होंने बताया कि इस पदयात्रा के दौरान स्थानीय स्तर पर लोगों की समस्याओं और प्रमुख मुद्दों को समझने का प्रयास किया गया। इन्हीं अनुभवों के आधार पर बिहार के अगले 10 वर्षों के विकास को लेकर रोडमैप तैयार करने की बात कही गई। इस दौरान पीके युवा क्लब सहित कई अन्य पहल भी शुरू किए गए।
श्याम सुन्दर पासवान के अनुसार, पदयात्रा के समापन के बाद पटना में आयोजित कार्यक्रम में बिहार के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। उन्होंने कहा कि जन सुराज ने इसी क्रम में बिहार की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ना शुरू किया।
उन्होंने 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव और पार्टी की भावी राजनीतिक रणनीति का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, 2 अक्टूबर 2024 को पटना के गांधी मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बिहार की सभी 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना को लेकर पार्टी की स्थापना की गई। उन्होंने पार्टी के संस्थापक के रूप में प्रशांत किशोर, राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह और प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती का उल्लेख किया।
श्याम सुन्दर पासवान ने कहा कि जन सुराज की विचारधारा गांधीवाद और सामाजिक उदारवाद पर आधारित है। पार्टी का रंग पीला और नारा ‘सही लोग, सही सोच, सामूहिक प्रयास’ बताया गया है। उन्होंने पार्टी के चुनाव चिन्ह के रूप में स्कूल का बस्ता छाप का भी उल्लेख किया।
आगामी बिहार विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन को लेकर भी श्याम सुन्दर पासवान ने अपनी बात रखी। उन्होंने राज्य में हत्या, अपहरण और अन्य आपराधिक घटनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार की व्यवस्था पर सवाल उठाए और इन परिस्थितियों पर नियंत्रण की आवश्यकता बताई।
उन्होंने शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में जन सुराज के प्रत्याशियों के पक्ष में समर्थन की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि बिहार की राजनीति में जन सुराज को वह राज्य के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प के रूप में देखते हैं।
संजय कुमार सिंह की रिपोर्ट



