सिमडेगा : समेकित जनजाति विकास अभिकरण (ITDA) के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति और भुगतान को लेकर बुधवार को उपायुक्त कंचन सिंह की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के लाभुकों के साथ सरना-मसना, कब्रिस्तान घेराबंदी और धूमकुड़िया आवास निर्माण योजनाओं के अध्यक्ष-सचिव शामिल हुए। इस दौरान योजनाओं की वर्तमान स्थिति और भुगतान से जुड़े मामलों की जानकारी ली गई।
बैठक में लाभुकों और योजनाओं के अध्यक्ष-सचिवों ने उपायुक्त के समक्ष शिकायत रखी कि कई योजनाओं में कार्य प्रगति पर होने के बावजूद कार्यालय स्तर से भुगतान के लिए राशि की मांग की जा रही है। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने संबंधित कार्यालय कर्मियों के प्रति नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि योजनाओं में हुए कार्य की प्रगति के अनुरूप नियमानुसार लाभुकों को राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने ऐसे लाभुकों की भी जानकारी ली, जिन्होंने योजना का लाभ लेकर अपना व्यवसाय शुरू किया है और उसका बेहतर संचालन कर रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि पात्र लाभुकों को नियमानुसार आगे की सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
उपायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना का उद्देश्य राज्य में रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देना है। योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे और इसके क्रियान्वयन में किसी तरह की लापरवाही न हो, यह सुनिश्चित करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में उपायुक्त ने लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन करने के साथ-साथ सभी योजनाओं में अपेक्षित प्रगति लाने का निर्देश दिया। उन्होंने संबंधित कर्मियों को योजनाओं की नियमित निगरानी और लाभुकों से जुड़े मामलों के समय पर निपटारे पर विशेष ध्यान देने को कहा।
बैठक में परियोजना निदेशक आईटीडीए सरोज तिर्की समेत संबंधित कार्यालय के कर्मी मौजूद थे।




