पेयजल की गुणवत्ता जांच और लीकेज मरम्मत पर डीडीसी ने दिया जोर

कोचेडेगा में सुबह-शाम हो रही जलापूर्ति, डीडीसी ने नियमित जांच, जलकर वसूली और योजना को समिति को सौंपने का दिया निर्देश।

 

सिमडेगा : कोचेडेगा बहु ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत 1159 लाभुकों को नल-जल की सुविधा मिल रही है। बुधवार को उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी ने योजना का निरीक्षण कर जलापूर्ति व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने इंटेक वेल, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी), पंप हाउस सहित योजना के तहत निर्मित विभिन्न संरचनाओं का निरीक्षण किया और पेयजलापूर्ति की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल संवेदक की ओर से योजना का संचालन और रखरखाव किया जा रहा है। योजना के तहत कुल 1159 लाभुकों को नल-जल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है। इन लाभुकों को प्रतिदिन सुबह और शाम दो बार पेयजल की आपूर्ति की जा रही है।

डीडीसी ने अधिकारियों को जलापूर्ति के लिए उपलब्ध कराए जा रहे पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रत्येक माह जल जांच कर उसकी रिपोर्ट ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति को उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही पाइपलाइन में होने वाले मामूली लीकेज को तत्काल दुरुस्त करने का निर्देश दिया, ताकि पानी की बर्बादी रोकी जा सके और आपूर्ति निर्बाध बनी रहे।

उन्होंने ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति को नियमानुसार जलकर शुल्क निर्धारित कर उसकी वसूली सुनिश्चित करने को कहा। इसके अलावा योजना के अंतिम छोर पर फ्लो मीटर लगाने और नियमानुसार ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति का गठन करने का निर्देश दिया गया।

योजना के बेहतर और स्थायी संचालन पर जोर देते हुए डीडीसी ने त्रिपक्षीय समझौता कर जलापूर्ति योजना को ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजना के संचालन में स्थानीय समिति की सक्रिय भागीदारी और नियमित निगरानी से ग्रामीणों को सुचारू रूप से पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

निरीक्षण के दौरान कार्यपालक अभियंता, कनीय अभियंता, जिला समन्वयक-आईईसी, कोचेडेगा पंचायत के मुखिया सहित संबंधित अधिकारी और ग्रामीण उपस्थित थे।

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