मेरठ। जनपद मेरठ के ब्रह्मापुरी थाना क्षेत्र स्थित श्री श्याम जी ऑटोमोटिव एलएलपी महिंद्रा डीलरशिप से फर्जी दस्तावेजों और आपराधिक षड्यंत्र के जरिए महंगी गाड़ियों की कथित धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। डीलरशिप के महाप्रबंधक (जनरल मैनेजर) विकास शर्मा ने कई राज्यों के लोगों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते मुकदमा दर्ज कराया है।
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने पर उसने ने न्यायालय की शरण ली। जिसके बाद मामले में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हुई है।
शिकायत के अनुसार आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर महिंद्रा थार, स्कॉर्पियो क्लासिक और एक्सयूवी 700 जैसी महंगी एसयूवी अपने नाम आवंटित करा लीं। आरोप है कि गाड़ियों के बदले वास्तविक भुगतान किए बिना फर्जी कंपनियों के नाम पर सहमति पत्र और थर्ड पार्टी अकाउंट से भुगतान दर्शाने वाले दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर टेम्पररी आरसी भी जारी करा ली गई, जबकि डीलरशिप के खातों में कोई धनराशि जमा नहीं हुई।
मामले में राजस्थान सहित अन्य राज्यों के महिपाल सिंह, जैसाराम, पंकज शंकरराव ठाकरे, थानाराम, योगेश बलवानी, जमाताराम, लुम्बा राम सहित कई लोगों को आरोपी बनाया गया है। डीलरशिप का दावा है कि इस धोखाधड़ी से कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
घटना के प्रत्यक्षदर्शी के रूप में पवन कुमार और प्रशांत शर्मा के नाम भी सामने आए हैं। पीड़ित प्रबंधन का आरोप है कि ब्रह्मापुरी थाना पुलिस को शिकायत देने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद न्यायालय के आदेश पर मामले में एफआईआर दर्ज कर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की गई है।
पुलिस का कहना है कि न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में प्रकरण की जांच कर आरोपों की सत्यता के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



