मनीष सिन्हा
धनबाद : तेतुलमारी थाना क्षेत्र के नगरी कला मौजा में जमीन को लेकर चल रहा विवाद अब पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर रहा है। प्लॉट नंबर 1964 और 1962 को लेकर एक रैयत ने कुछ लोगों पर कथित अतिक्रमण का आरोप लगाते हुए तेतुलमारी थाना प्रभारी को लिखित शिकायत दी है। रैयत ने पुलिस से तत्काल हस्तक्षेप करते हुए जमीन पर कथित कब्जे की कार्रवाई रोकने की मांग की है।
दो प्लॉट, हाईकोर्ट का हवाला और अतिक्रमण का आरोप
रैयत के आवेदन के अनुसार, विवादित जमीन हुकुलडीह लेन के समीप स्थित है और धीरज-बाबूलाल के नाम से संबंधित बताई गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि जमीन को लेकर पहले से न्यायिक प्रक्रिया चल रही है। आवेदन में झारखंड हाईकोर्ट के WPC No. 587/2021 और LPA No. 580/2025 का हवाला दिया गया है। रैयत के मुताबिक, आदेश में विवाद का समाधान सिविल कोर्ट में टाइटल सूट के माध्यम से किए जाने की बात कही गई है।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब जमीन का विवाद न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में है, तो मौके पर कथित अतिक्रमण की स्थिति कैसे बनी? रैयत ने इसी मुद्दे को आधार बनाते हुए पुलिस से तत्काल हस्तक्षेप और कार्रवाई की गुहार लगाई है।
डीसी के पत्र का भी शिकायत में उल्लेख
शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में उपायुक्त धनबाद के ज्ञापांक B-304/50, दिनांक 03 जनवरी 2026 का भी उल्लेख किया है। रैयत का दावा है कि इस मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर पहले भी पत्राचार हो चुका है। इसके बावजूद यदि जमीन पर निर्माण अथवा कब्जे की कोशिश की जा रही है, तो पूरे मामले की जांच आवश्यक हो जाती है।
पुलिस के सामने अब कई अहम सवाल
रैयत की शिकायत सामने आने के बाद इस विवाद में पुलिस की भूमिका अहम हो गई है। क्या वास्तव में प्लॉट नंबर 1964 और 1962 पर अतिक्रमण किया जा रहा है? जमीन का मौजूदा रिकॉर्ड क्या कहता है? मौके पर फिलहाल किसके कब्जे की स्थिति है? हाईकोर्ट के आदेश में वास्तव में क्या निर्देश दिए गए हैं? साथ ही उपायुक्त के पत्र में किस तरह की कार्रवाई या निर्देश दर्ज हैं? इन सभी सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे।
फिलहाल रैयत ने पुलिस से कथित अतिक्रमण पर रोक लगाने और जमीन से जुड़े उसके अधिकारों की रक्षा करने की मांग की है। अब निगाहें तेतुलमारी पुलिस और संबंधित राजस्व अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी हैं। शिकायत पर प्रशासन किस स्तर पर जांच करता है और जमीन विवाद को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।




