मनीष सिन्हा
कतरास : श्री कृष्णा मातृ सदन, रानी बाजार कतरास में 03 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे सुरक्षित गर्भपात यानी Medical Termination of Pregnancy (MTP) विषय पर एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मरीजों और उनके अभिभावकों को सुरक्षित गर्भपात से जुड़ी जरूरी जानकारी देना और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यशाला में ईस्ट जोन कॉर्डिनेटर (MTP कमिटी) एवं एस.एन.एम.एम.सी.एच., धनबाद की पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. प्रतिभा राय, धनबाद सोसाइटी ऑफ ऑब्स्ट्रेटिक्स एंड गायनेकोलॉजी की सेक्रेटरी डॉ. रीना बर्नवाल, श्री कृष्णा मातृ सदन की डायरेक्टर डॉ. शिवानी झा तथा सात्विक आईवीएफ की डायरेक्टर, डीएसओजी धनबाद की उपाध्यक्ष और झारखंड ISHAR की उपाध्यक्ष डॉ. नेहा प्रियदर्शिनी मौजूद रहीं।
कार्यक्रम में पहुंचे सभी अतिथियों का श्री कृष्णा मातृ सदन के कर्मियों ने पुष्पगुच्छ देकर स्वागत और सम्मान किया। विशेषज्ञों ने सुरक्षित गर्भपात को महिलाओं के स्वास्थ्य और अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया।
कार्यशाला में बताया गया कि गर्भपात हमेशा प्रशिक्षित एवं योग्य स्वास्थ्यकर्मी की सलाह से मान्यता प्राप्त अस्पताल और रजिस्टर्ड डॉक्टर के माध्यम से ही कराया जाना चाहिए। गर्भावस्था की अवधि के अनुसार सुरक्षित और उचित चिकित्सा विधि का चयन करना जरूरी है।
विशेषज्ञों ने गर्भपात से पहले ब्लड ग्रुप और हीमोग्लोबिन की जांच कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। बताया गया कि कुछ मामलों में अत्यधिक रक्तस्राव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। वहीं, बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी प्रकार की दवा लेने या घरेलू उपचार करने से बचने की सलाह दी गई, क्योंकि इससे गंभीर स्वास्थ्य जटिलताएं पैदा हो सकती हैं।
कार्यशाला में स्वच्छ और चिकित्सकीय वातावरण में उपचार कराने को भी जरूरी बताया गया, जिससे संक्रमण का खतरा कम किया जा सके। गर्भपात के बाद पर्याप्त आराम करने और चिकित्सक की सलाह का पालन करने की बात कही गई। अत्यधिक रक्तस्राव, तेज दर्द या बुखार जैसी स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दी गई।
विशेषज्ञों ने कहा कि सुरक्षित गर्भपात का उद्देश्य महिला की गरिमा, स्वास्थ्य और सुरक्षा की रक्षा करना है। इसके लिए सही जानकारी, प्रशिक्षित चिकित्सकीय देखरेख और समय पर उपचार बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में धीरज कुमार सिंह, मुन्ना झा, गीता देवी, मीना कुमारी, सुमन गोस्वामी, वीरेंद्र गोप, कृष्णा गोप समेत श्री कृष्णा मातृ सदन के सभी सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



