बोकारो I रेलवे कर्मचारियों के लिए मेडिकल लीव जैसी जरूरी सुविधा को रिश्वत का जरिया बनाने के आरोप से दक्षिण पूर्व रेलवे के आद्रा मंडल में हड़कंप मच गया। बीमारी की छुट्टी मंजूर करने के एवज में 25 हजार रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में सीबीआई ने भोजूडीह में तैनात चीफ हेल्थ इंस्पेक्टर चंद्रशेखर गुप्ता को मंगलवार को 10 हजार रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। शिकायत के सत्यापन के बाद एजेंसी ने ट्रैप की कार्रवाई की और रकम लेते ही अधिकारी को दबोच लिया।
शिकायत के बाद बिछाया गया जाल
सीबीआई के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि मेडिकल लीव स्वीकृत करने के बदले चंद्रशेखर गुप्ता ने 25 हजार रुपये की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने आरोपों का सत्यापन कराया। जांच में शिकायत प्रथमदृष्टया सही पाए जाने के बाद एजेंसी ने 15 सितंबर को मामला दर्ज किया और आरोपी अधिकारी को पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना बनाई।
योजना के तहत शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये देने की बात तय हुई। जैसे ही अधिकारी ने कथित तौर पर 10 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार की, सीबीआई की टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान रेलवे परिसर में भी हलचल देखी गई।
कार्यालय और आवास में भी छापेमारी
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने आरोपी अधिकारी के कार्यालय और आवासीय परिसर की भी तलाशी ली। एजेंसी की टीम ने वहां मौजूद दस्तावेजों और अन्य सामग्री की जांच की। हालांकि तलाशी के दौरान क्या-क्या बरामद हुआ, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
सीबीआई ने आरोपी को धनबाद स्थित सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एजेंसी अब रिश्वत की कथित मांग, लेन-देन और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
सीबीआई की इस कार्रवाई के बाद रेलवे महकमे में हड़कंप की स्थिति है। मामले की जांच जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



