रांची: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन गुरुवार को JPSC और JSSC परीक्षा पेपर लीक, कथित अनियमितताओं तथा सीटों की खरीद-फरोख्त के आरोपों को लेकर विधानसभा परिसर में भारतीय जनता पार्टी और एनडीए के विधायकों ने शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने किया, जिसमें झरिया विधायक रागिनी सिंह समेत भाजपा और एनडीए के सभी विधायक शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा विधायकों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए JPSC और JSSC भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष CBI जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग की।
इस मौके पर झरिया विधायक रागिनी सिंह ने कहा कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं की मेहनत, प्रतिभा और विश्वास के साथ यदि अन्याय होता है, तो उसके खिलाफ आवाज उठाना हर जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है।
रागिनी सिंह ने कहा कि भाजपा युवाओं के अधिकार, सम्मान और उनके बेहतर भविष्य की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक लगातार संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने कहा कि राज्य के प्रत्येक युवा को न्याय मिले, भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचारमुक्त बने तथा युवाओं की मेहनत का सम्मान सुनिश्चित हो, इसके लिए पार्टी का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
उन्होंने मांग दोहराई कि JPSC और JSSC से जुड़े पूरे मामले की निष्पक्ष CBI जांच कराई जाए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। उनका कहना था कि इससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति पर रोक लगेगी और सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में युवाओं का विश्वास मजबूत होगा। रिपोर्ट -मनीष सिन्हा




