बोकारो I झारखंड के जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों पर अधिकार को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के विरोध में चास के बूथ स्तर तक जनजागरण अभियान शुरू किया गया है। झामुमो बोकारो महानगर अध्यक्ष मंटू यादव ने कहा कि केंद्र सरकार राज्य के अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश कर रही है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
चास नगर अध्यक्ष प्रमोद तापड़िया के नेतृत्व में 31 अगस्त तक सभी वार्डों और बूथों में अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ता लोगों के बीच पहुंचकर विधेयक के संभावित आर्थिक प्रभाव और राज्य के खनिज अधिकारों पर पड़ने वाले असर की जानकारी दे रहे हैं। इसी अभियान के तहत वार्ड संख्या 25, 26, 29 और 30 के विभिन्न बूथों में जनसंपर्क किया गया।
मंटू यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री सह झामुमो केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन और महासचिव विनोद पांडे के निर्देश पर पार्टी कार्यकर्ता गांव और मोहल्लों तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं का उद्देश्य लोगों को विधेयक से जुड़े संभावित प्रभावों के प्रति जागरूक करना और राज्य के अधिकारों की लड़ाई में उन्हें साथ जोड़ना है।
उन्होंने बताया कि 7 सितंबर को प्रखंड मुख्यालयों पर विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। मंटू यादव ने कहा कि झारखंड के खनिज संसाधनों से मिलने वाले अधिकार और राजस्व राज्य के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इन्हीं संसाधनों से मिलने वाला राजस्व मंईयां सम्मान, पेंशन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाता है।
मंटू यादव ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन के नेतृत्व में लंबे संघर्ष के बाद झारखंड के अधिकारों की स्थापना हुई है। ऐसे में इन अधिकारों की रक्षा के लिए एक बार फिर एकजुट होने का समय आ गया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनजागरण अभियान को बूथ स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का आह्वान किया।
अभियान का संचालन नगर सचिव भागीरथ शर्मा ने किया। मौके पर झामुमो के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और महिला मोर्चा की सदस्य बड़ी संख्या में मौजूद रहीं।




