नौ नए पर्यटन स्थलों को अधिसूचित करने पर विचार
बैठक में जिले के नौ स्थलों को नए पर्यटन स्थल के रूप में अधिसूचित करने के प्रस्ताव पर विचार-विमर्श किया गया। प्रस्तावित स्थलों में हेरिटेज-सह-म्यूजियम सेंटर, सिमडेगा; स्वर्णा कोना, ठेठईटांगर; रंगारिह परिस, ठेठईटांगर; बुदाधार शंख नदी पिकनिक स्थल, ठेठईटांगर; जगन्नाथ मंदिर, जोगबहार; गोबर धंसाधाम, नवाटोली, कोलेबिरा; नानोसेरा जटाटोली, पाकरटांड़; तुजडेगी सोनपहाड़ी, सिमडेगा और बगई टोंगरी, कुरडेग शामिल हैं।
इन स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने और उनकी पहचान बढ़ाने को लेकर चर्चा की गई। प्रस्ताव पर आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिले में पर्यटन गतिविधियों को विस्तार मिलने की उम्मीद है।
कैलाश धाम, छुरिया धाम और केतुंगा धाम में बढ़ेंगी सुविधाएं
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कैलाश धाम, करममुंडा में विभिन्न निर्माण योजनाओं पर चर्चा हुई। यहां हवन शेड, गोलाकार शेड, रेलिंग, सीढ़ियां, संपर्क पथ और पीसीसी सड़क निर्माण की योजनाएं प्रस्तावित हैं। इन सुविधाओं से श्रद्धालुओं को आवागमन और पूजा-पाठ के दौरान सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
इसी तरह छुरिया धाम में संपर्क पथ, सीढ़ियां, रेलिंग, गोलाकार शेड और गार्ड वॉल निर्माण से जुड़ी योजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया।
बानो स्थित केतुंगा धाम में पेवर ब्लॉक और शेड निर्माण की योजनाओं को अनुमोदित करने के संबंध में चर्चा की गई। इन योजनाओं का उद्देश्य धार्मिक स्थलों पर जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना और श्रद्धालुओं के लिए परिसर को अधिक सुविधाजनक बनाना है।
केलाघाघ के सौंदर्यीकरण पर विशेष जोर
बैठक में उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी ने केलाघाघ पर्यटन स्थल के सौंदर्यीकरण और सड़क किनारे लाइट लगाने की व्यवस्था पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं मजबूत करने का निर्देश दिया। इसी क्रम में केलाघाघ को बी श्रेणी से ए श्रेणी में उत्क्रमित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
प्रशासन की ओर से पर्यटन स्थलों पर सुविधाओं के विस्तार, विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने और पर्यटकों की जरूरतों के अनुरूप व्यवस्थाएं बेहतर करने पर बल दिया गया। बैठक में विभिन्न स्थलों पर निर्माण और सौंदर्यीकरण से संबंधित योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिले में पर्यटन की संभावनाओं को विकसित करने पर चर्चा हुई।
बैठक में अपर समाहर्ता गिरिजा शंकर महतो, अनुमंडल पदाधिकारी सुमंत तिर्की, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी धर्मदेव पासवान, नजारत उप समाहर्ता-सह-जिला आपूर्ति पदाधिकारी नरेश रजक, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पलटू महतो, जिला परिवहन पदाधिकारी संजय कुमार बाखला, कार्यपालक अभियंता, नगर परिषद अध्यक्ष ओलिवर लकड़ा, कोलेबिरा विधायक प्रतिनिधि मो. समी आलम, सिमडेगा विधायक प्रतिनिधि संतोष कुमार सिंह, सांसद प्रतिनिधि अमित डुंगडुंग सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।




