सुधीर रंजन
लखनऊ/अमेठी : अमेठी विधानसभा क्षेत्र में बुधवार को आयोजित समाजवादी पार्टी के पीडीए संवाद कार्यक्रम ने आयोजन के नाम, भीड़ और टिकट के दावेदारों की सक्रियता को लेकर राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे दी। कार्यक्रम स्थल पर मंच के पीछे ‘पीडीए जनसंवाद’ का बैनर नजर आया, जबकि प्रचार के लिए बांटे गए कार्ड पर ‘समाजवादी यादव सम्मेलन’ लिखा था। एक ही आयोजन के दो अलग-अलग नाम सामने आने से कार्यक्रम में शामिल लोगों के बीच भी इसकी चर्चा होती रही।
कार्यक्रम का आयोजन सपा नेता शिव प्रताप यादव के नेतृत्व में किया गया। मंच पर जिलाध्यक्ष राम उदित यादव, पूर्व विधायक हरि चरण यादव, पूर्व सपा विधानसभा अध्यक्ष राकेश यादव और महिला सभा जिलाध्यक्ष गुंजन सिंह समेत पार्टी के कई नेता मौजूद रहे। अमेठी विधानसभा से सपा टिकट के दावेदारों ने भी कार्यक्रम के जरिए अपनी राजनीतिक सक्रियता और जनाधार का प्रदर्शन करने की कोशिश की।
पीडीए की एकजुटता का संदेश, भीड़ पर चर्चा
कार्यक्रम में नेताओं ने पीडीए की एकजुटता, सामाजिक भागीदारी और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर विचार रखे। समाजवादी विचारधारा को गांव-गांव तक पहुंचाने और संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया गया।
हालांकि, कार्यक्रम में वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी के बावजूद कार्यकर्ताओं की अपेक्षित भीड़ नहीं जुटने को लेकर कार्यक्रम के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गईं। खास तौर पर यादव कार्यकर्ताओं की मौजूदगी अपेक्षाकृत अधिक दिखाई देने और गैर-यादव सपा समर्थकों की भागीदारी को लेकर स्थानीय राजनीतिक हलकों में सवाल उठते रहे।
इसे अमेठी विधानसभा के भीतर चल रही राजनीतिक खींचतान से जोड़कर भी देखा जा रहा है। पिछले कुछ समय से जिलाध्यक्ष राम उदित यादव द्वारा विधायक महराजी प्रजापति के विरोधी खेमे से जुड़े नेताओं को बढ़ावा दिए जाने की चर्चाएं होती रही हैं। ऐसे में कार्यक्रम में अपेक्षित कार्यकर्ताओं की मौजूदगी नहीं होने के अलग-अलग राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं।
पर्चे और मंच के नाम ने बढ़ाई चर्चा
कार्यक्रम की सबसे ज्यादा चर्चा प्रचार सामग्री और मंच के नाम को लेकर रही। आयोजक शिव प्रताप यादव की ओर से बांटे गए कार्ड पर ‘समाजवादी यादव सम्मेलन’ लिखा था, जबकि मंच पर ‘पीडीए जनसंवाद’ का बैनर लगा था। इस अंतर को लेकर गैर-यादव सपा समर्थकों के बीच भी चर्चा होती रही कि कार्यक्रम का वास्तविक स्वरूप क्या है।
पीडीए के जरिए पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों की व्यापक भागीदारी की बात की जाती है। ऐसे में प्रचार सामग्री पर ‘यादव सम्मेलन’ लिखे होने से अन्य सामाजिक समूहों के बीच असमंजस की स्थिति बनने की चर्चा रही। इसी वजह से कार्यक्रम की भीड़ और उसके स्वरूप दोनों को लेकर अमेठी के राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ी रही।
प्रीति पाल की प्रस्तुति ने बांधा समां
कार्यक्रम में प्रसिद्ध गायिका प्रीति पाल की प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रही। उनके जोशीले गीतों पर युवाओं और कार्यकर्ताओं ने तालियों के साथ उत्साह जताया। इससे कार्यक्रम के माहौल में भी जोश नजर आया।
सपा नेता शिव प्रताप यादव ने कार्यक्रम में शामिल नेताओं, कार्यकर्ताओं और लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि जनसंवाद के जरिए समाज की समस्याओं और अपेक्षाओं को समझने तथा उनकी आवाज को मजबूती से उठाने का प्रयास आगे भी जारी रहेगा।
फिलहाल अमेठी के इस आयोजन में मंच पर पीडीए, प्रचार कार्ड पर यादव सम्मेलन और मैदान में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी—इन तीनों पहलुओं ने इसे सामान्य राजनीतिक कार्यक्रम से अलग चर्चा का विषय बना दिया है।

पर्चे और मंच के नाम ने बढ़ाई चर्चा


