अमेठी में दूसरे की जमीन पर KCC ऋण का आरोप, बैंक पर उठे सवाल

अमेठी के धौरहरा में दूसरे की जमीन की खतौनी बंधक बनाकर KCC ऋण देने का आरोप लगा है। पीड़ित पक्ष ने बैंक कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

अमेठी :  विकासखंड संग्रामपुर की ग्रामसभा धौरहरा में कथित तौर पर दूसरे की जमीन को बंधक बनाकर किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के जरिए ऋण दिए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि जिस महिला की जमीन की खतौनी बैंक में बंधक बनाई गई, उसने कोई KCC ऋण नहीं लिया। मामला सामने आने के बाद बैंक कर्मचारियों की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

जानकारी के अनुसार गाटा संख्या 622 की जमीन को बैंक ऑफ बड़ौदा की संग्रामपुर शाखा के माध्यम से करीब 63 हजार रुपये के KCC ऋण के लिए बंधक बनाए जाने का आरोप है। दस्तावेजों में उक्त गाटा संख्या को सुशीला सिंह पत्नी शिवमूरत सिंह, पुत्री बलदेव सिंह के नाम से बंधक किए जाने की बात सामने आई है।

वहीं, पीड़ित पक्ष का दावा है कि गाटा संख्या 622 की वास्तविक भूमि स्वामिनी सुशीला सिंह पत्नी विजयपाल सिंह हैं। आरोप है कि जिस महिला के नाम KCC ऋण कराया गया, उसका इस जमीन से कोई संबंध नहीं है। शिकायतकर्ता पक्ष के अनुसार जमीन की खतौनी का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल कर वर्ष 2022 में ऋण कराया गया।

ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग

धौरहरा के ग्राम प्रधान और प्रधान संघ अध्यक्ष संजय सिंह मुन्ना ने बताया कि उनकी भाभी ने कोई किसान क्रेडिट कार्ड नहीं बनवाया है। उनका आरोप है कि उनकी जमीन की खतौनी का गलत तरीके से इस्तेमाल कर उसे बैंक में बंधक बनाया गया और किसी अन्य के नाम ऋण करा दिया गया।

संजय सिंह मुन्ना ने पूरे मामले में बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि मामले की जांच से यह स्पष्ट होना चाहिए कि जमीन के दस्तावेज बैंक तक कैसे पहुंचे और ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका रही।

पीड़ित पक्ष की ओर से शासन स्तर पर ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज कराई गई है। शिकायत में पूरे प्रकरण की जांच कराने और बैंक कर्मचारियों सहित अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका सामने आने पर कार्रवाई की मांग की गई है।

बैंक प्रबंधक बोले- जांच के बाद स्थिति होगी साफ

बैंक ऑफ बड़ौदा की संग्रामपुर शाखा के प्रबंधक ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। उनके अनुसार जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रकरण में किसकी क्या भूमिका रही। शाखा प्रबंधक ने यह भी कहा कि गलत फीडिंग की वजह से मामला सामने आया है और उसे ठीक कराने का प्रयास किया जा रहा है।

उधर, स्थानीय लोगों का कहना है कि बैंक की संग्रामपुर शाखा को लेकर पहले भी इस तरह के आरोप सामने आते रहे हैं। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है।

ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बृजेश मिश्रा ने भी मामले की गंभीर जांच की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आरोप लगाया कि यदि बैंक शाखा की ठीक से जांच कराई जाए तो अन्य मामलों का भी खुलासा हो सकता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

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