विलियम जैकब
गिरिडीह : विद्या भारती के राष्ट्रव्यापी अभियान ‘नमामि भारतम्–वंदे मातरम् सामूहिक गायन’ को लेकर गिरिडीह के बरगंडा स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में मंगलवार को महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में 25 सितंबर को प्रस्तावित सामूहिक गायन को व्यापक जनभागीदारी के साथ आयोजित करने और इसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में जनजातीय शिक्षा समिति के प्रदेश मंत्री दिलीप पाहन, विद्या विकास समिति झारखंड के प्रदेश मंत्री डॉ. ब्रजेश सिंह, विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष अर्जुन मिष्टकार और सचिव डॉ. शालिनी खोवाला समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानाचार्य आनंद कमल ने अतिथियों के परिचय के साथ की। इसके बाद सभी अतिथियों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
दिलीप पाहन ने कहा कि सामूहिक वंदे मातरम् गायन को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराना कार्यक्रम का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि विद्या भारती के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम की तैयारियों के तहत बैनर, साक्ष्य प्रस्तुति और प्रमाणीकरण से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है।
डॉ. ब्रजेश सिंह ने कहा कि आयोजन को केवल विद्यालय परिसर तक सीमित नहीं रखना है, बल्कि इसे समाजव्यापी अभियान का रूप देना है। उन्होंने कहा कि देशभर में एक साथ, एक स्वर और एक लय में वंदे मातरम् का सामूहिक गायन अपने आप में बड़ी चुनौती है। इसके लिए अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के साथ घर-घर संपर्क और जनजागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है।
प्रधानाचार्य आनंद कमल ने विद्यालय परिवार की ओर से कार्यक्रम में अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया। वहीं विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष अर्जुन मिष्टकार ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि राष्ट्रभावना और देश की गौरवगाथा का प्रतीक है। उन्होंने 25 सितंबर के कार्यक्रम को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह दिन विचार और राष्ट्रभाव के संगम का अवसर बनेगा।
सचिव डॉ. शालिनी खोवाला ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सामूहिक वंदे मातरम् गायन को गौरव का विषय बताया। उन्होंने रांची से पहुंचे अतिथियों के प्रति आभार भी जताया।
बैठक में माल्डा के प्रधानाचार्य सुगदेव पंडित, बेंगाबाद के प्रधानाचार्य किशन, बंदरकुप्पी के प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार समेत विद्यालय के आचार्य बंधु-भगिनी उपस्थित रहे।
अब सभी की नजरें 25 सितंबर पर टिकी हैं। इसी दिन राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत गिरिडीह में भी वंदे मातरम् का सामूहिक गायन होगा और आयोजक इसे व्यापक जनभागीदारी के साथ आयोजित करने की तैयारी में जुटे हैं।




