मनीष सिंह
महुआडांड़ : चटकपुर पंचायत के उरम्बी और परेवा गांव के ग्रामीण वर्षों से नदी पर पुल बनने का इंतजार कर रहे हैं। पुल नहीं होने की वजह से सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। खासकर बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ बच्चों का स्कूल तक पहुंचना जोखिम भरा हो जाता है। कई बच्चे जान की परवाह किए बिना नदी पार कर स्कूल जाने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक सामान्य दिनों में किसी तरह नदी पार कर आवागमन हो जाता है, लेकिन बारिश शुरू होते ही हालात गंभीर हो जाते हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के कारण बच्चों के लिए दूसरी ओर जाना बेहद खतरनाक हो जाता है। सुबह स्कूल जाने के समय अभिभावकों की चिंता बढ़ी रहती है और कई बार उन्हें बच्चों के साथ नदी पार करनी पड़ती है।
ग्रामीणों ने बताया कि उरम्बी और परेवा के बीच नदी पर पुल निर्माण की मांग को लेकर स्थानीय विधायक और सांसद को कई बार जानकारी दी जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई। पुल के अभाव का असर केवल बच्चों की पढ़ाई पर ही नहीं, बल्कि मरीजों को अस्पताल पहुंचाने, रोजमर्रा के आवागमन और अन्य जरूरी कामों पर भी पड़ रहा है।
बरसात के दौरान नदी का पानी बढ़ने पर बच्चों को स्कूल भेजना अभिभावकों के लिए सबसे बड़ी चिंता बन जाता है। तेज बहाव के बीच नदी पार करते समय किसी अप्रिय घटना की आशंका हमेशा बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों पुरानी इस समस्या का स्थायी समाधान पुल निर्माण से ही संभव है।
अब ग्रामीणों ने लातेहार उपायुक्त से मामले का तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने उरम्बी-परेवा क्षेत्र का स्थल निरीक्षण कराने और नदी पर जल्द पुल निर्माण की दिशा में आवश्यक पहल करने की अपील की है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन के हस्तक्षेप से बच्चों और अन्य ग्रामीणों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।




