लचरागढ़ विद्यालय में स्वाभिमान के साथ मना हिंदी दिवस, प्रतिभाएं सम्मानित

विवेकानंद शिशु विद्या मंदिर में हिंदी दिवस पर भाषण, निबंध समेत कई प्रतियोगिताएं हुईं, विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

 

लचरागढ़ I वनवासी कल्याण केंद्र की प्रतिष्ठित शैक्षिक इकाई श्रीहरि वनवासी विकास समिति झारखंड द्वारा संचालित विवेकानंद शिशु विद्या मंदिर उच्च विद्यालय, लचरागढ़ में सोमवार को हिंदी दिवस स्वाभिमान, राष्ट्रगौरव और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में मातृभाषा के प्रति सम्मान और हिंदी के प्रति रुचि बढ़ाने पर जोर दिया गया।

समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि वनवासी कल्याण केंद्र के प्रांत खेलकूद प्रमुख डोमनचंद महतो एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेंद्र साहू ने संयुक्त रूप से सरस्वती माता और भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन कर किया। इसके बाद विद्यार्थियों के बीच हिंदी भाषा से जुड़ी विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।

भैया-बहनों में राष्ट्रभाषा के प्रति अभिरुचि और भाषाई दक्षता विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिशु वाटिका वेश-बस्ता प्रतियोगिता में वैष्णवी कुमारी ने प्रथम, आरव साहू ने द्वितीय और कार्तिक सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। शिशु मंदिर पहाड़ा प्रतियोगिता में लव कुमार कुशवाहा प्रथम, लोकेश नायक द्वितीय और तरुण सिंह तृतीय रहे।

इसी तरह ओजस्वी हिंदी भाषण प्रतियोगिता में कृष्णा साहू ने प्रथम, आरोही कुमारी ने द्वितीय और निधि अग्रवाल ने तृतीय स्थान हासिल किया। निबंध लेखन प्रतियोगिता में अभिषेक नायक प्रथम, रेशमा कुमारी द्वितीय और मनिता कुमारी तृतीय स्थान पर रहीं। सभी विजेता प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि एवं प्रधानाचार्य ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया और उनका उत्साह बढ़ाया।

मौके पर मुख्य अतिथि डोमनचंद महतो ने कहा कि हिंदी केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि भारत की गौरवशाली संस्कृति, सभ्यता और राष्ट्रीय अस्मिता का प्राण है। उन्होंने विद्यार्थियों से बिना किसी झिझक के स्वाभिमान के साथ हिंदी को दैनिक जीवन में अपनाने और इसके सम्मान को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

प्रधानाचार्य राजेंद्र साहू ने कहा कि भारत की भाषाई विविधता देश की सबसे बड़ी ताकत है। हिंदी भारत माता के भाल की बिंदिया की तरह सुशोभित है। हिंदी को उसके शुद्ध एवं समृद्ध स्वरूप में आगे बढ़ाना और आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाना सभी का नैतिक दायित्व है।

कार्यक्रम का प्रभावशाली मंच संचालन आचार्य प्रमोद पाणिग्राही ने किया, जबकि निर्णायक की भूमिका आचार्य निरंजन सिंह ने निभाई। धन्यवाद ज्ञापन किशोर भारती के अध्यक्ष ने किया। कार्यक्रम में आचार्य-आचार्या, भैया-बहन, छात्रावास सह-प्रमुख, बस चालक, उपचालक एवं स्वच्छता कर्मी उपस्थित रहे। समारोह के अंत में सभी ने हिंदी भाषा के संवर्धन और उसके सम्मान को बनाए रखने का संकल्प लिया।

Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *