मनीष सिन्हा
धनबाद : भाजपा धनबाद महानगर एवं ग्रामीण की ओर से बरवाअड्डा स्थित उपायुक्त कार्यालय के घेराव को लेकर धनबाद जिला कांग्रेस कमिटी ने पलटवार किया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने भाजपा पर छात्रों और युवाओं के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य की चिंता करने से पहले भाजपा को अपने शासन वाले राज्यों में प्रतियोगी परीक्षाओं और बेरोजगारी की स्थिति पर जवाब देना चाहिए।
संतोष कुमार सिंह ने कहा कि छात्रों के मुद्दे पर राजनीति करना आसान है, लेकिन युवाओं के भविष्य को लेकर वास्तविक चिंता करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि JSSC-JPSC परीक्षाओं में कहीं भी अनियमितता या गड़बड़ी हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। कांग्रेस किसी भी तरह की परीक्षा संबंधी अनियमितता के पक्ष में नहीं है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा छात्रों के मुद्दे को राजनीतिक हथियार बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि देश के विभिन्न हिस्सों में पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर जब युवा सड़कों पर उतरते हैं, तब भाजपा शासित सरकारों की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि झारखंड में विपक्ष में बैठकर छात्रों के नाम पर राजनीति करना भाजपा की दोहरी नीति को दर्शाता है।
संतोष सिंह ने कहा कि झारखंड के युवा अब राजनीतिक छलावे को समझ चुके हैं। युवाओं को भाषण और नारे नहीं, बल्कि रोजगार और पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को आंदोलन की राजनीति के बजाय समाधान के नजरिए से देखा जाना चाहिए।
उन्होंने राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार की नींद हराम कर दी है और छात्रों के बीच उनकी बढ़ती लोकप्रियता से भाजपा में बेचैनी है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली और बिहार में छात्र आंदोलनों के दौरान लाठी, गोली और आंसू गैस के इस्तेमाल पर भाजपा ने चुप्पी साधे रखी।
जिलाध्यक्ष ने भाजपा के प्रदर्शन को लेकर यह भी आरोप लगाया कि इसमें दवा घोटाले और कोयला तस्करी से जुड़े लोग भी शामिल थे। हालांकि, ये आरोप कांग्रेस जिलाध्यक्ष के बयान के रूप में ही सामने आए हैं।
भाजपा से कांग्रेस के पांच सवाल
संतोष कुमार सिंह ने भाजपा से कई सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि भाजपा को स्पष्ट करना चाहिए कि उसके शासन वाले राज्यों में परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के मामलों में क्या वह इसी तरह सड़क पर उतरने का साहस करेगी।
उन्होंने यह भी पूछा कि क्या भाजपा केंद्र सरकार के अधीन होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता की गारंटी देने के लिए तैयार है। इसके अलावा बढ़ती बेरोजगारी पर भाजपा नेता युवाओं को जवाब कब देंगे और उनके लिए ठोस रोजगार नीति की बात कब की जाएगी, यह भी सवाल उठाया।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि युवाओं के मुद्दे को राजनीतिक मुद्दा बनाने के बजाय सभी दलों को मिलकर समाधान की दिशा में काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों की जायज मांगों के साथ मजबूती से खड़ी है। यदि किसी छात्र के साथ अन्याय हुआ है तो मामले की जांच कर उसे न्याय मिलना चाहिए। लेकिन छात्रों के मुद्दे को राजनीतिक रंग देकर धनबाद का माहौल खराब करने की कोशिश सफल नहीं होने दी जाएगी।
संतोष सिंह ने कहा कि भाजपा चाहे जितना प्रदर्शन कर ले, झारखंड के युवाओं को गुमराह नहीं कर पाएगी। कांग्रेस का संघर्ष सत्ता की राजनीति के लिए नहीं, बल्कि झारखंड के युवाओं के सम्मान, रोजगार और बेहतर भविष्य के लिए है।




