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राँची : जेवियर बोर्ड वीक 2026 के तहत कम्युनिटी सर्विस कार्यक्रम के अंतर्गत नवा बिहान आदिवासी एनजीओ ने सनराइज पब्लिक स्कूल, अदालहातू, मोराबादी, राँची में विद्यार्थियों के लिए टाई एंड डाई तथा डिजिटल अवेयरनेस एवं डिजिटल मार्केटिंग विषय पर विशेष कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को रचनात्मक कौशल के साथ डिजिटल दुनिया की संभावनाओं से परिचित कराना रहा।
कार्यशाला में निर्मला कॉलेज, राँची के फैशन डिजाइनिंग विभाग की हेड ऑफ डिपार्टमेंट डॉ. वी. एस. उमा रानी और बीबीए विभाग की अध्यापिका शुभांजलि भेगराज ने विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। उन्होंने बच्चों को रचनात्मकता, फैशन डिजाइनिंग, टेक्सटाइल और डिजिटल मार्केटिंग से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। टाई एंड डाई की प्रायोगिक गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों को पारंपरिक तकनीक को आधुनिक डिजाइन और रचनात्मक सोच के साथ जोड़ने का अवसर मिला।
कार्यक्रम के दौरान स्कूल की अध्यापिका श्रीमती पूजा अमृता उराँव ने अंगवस्त्र भेंट कर निर्मला कॉलेज से आए अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया।
इस अवसर पर नवा बिहान के फाउंडर आर. अजय ने कहा कि भारत का टेक्सटाइल, हैंडीक्राफ्ट तथा ट्राइबल आर्ट एंड क्राफ्ट पूरी दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। बच्चों को कम उम्र से ही इन क्षेत्रों की रचनात्मक संभावनाओं से जोड़ना जरूरी है। ऐसी कार्यशालाओं से विद्यार्थियों की क्रिएटिव स्किल, आत्मविश्वास और व्यावहारिक ज्ञान में वृद्धि होगी, जिसका लाभ वे भविष्य में करियर के विभिन्न क्षेत्रों में उठा सकेंगे।
उन्होंने कहा कि नवा बिहान लगातार आदिवासी एवं ग्रामीण बच्चों को शिक्षा, रचनात्मक कौशल, डिजिटल जागरूकता और करियर के नए अवसरों से जोड़ने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करता रहा है। संस्था का उद्देश्य बच्चों की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें आधुनिक शिक्षा और कौशल के माध्यम से आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना है।
कार्यशाला में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने टाई एंड डाई की कला सीखने के साथ डिजिटल माध्यमों के सकारात्मक और रचनात्मक उपयोग के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम ने बच्चों में क्रिएटिविटी, डिजाइन थिंकिंग, डिजिटल जागरूकता और भविष्य के करियर विकल्पों को लेकर रुचि पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में संत जेवियर कॉलेज के इतिहास विभाग से इंटर्नशिप के लिए आईं अवंतिका सिन्हा का सराहनीय सहयोग भी रहा।




