हजारीबाग । शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के ऑर्थोपेडिक ऑपरेशन थिएटर में लगी सी-आर्म मशीन खराब होने से हड्डी से जुड़ी सर्जरी प्रभावित हो रही है। तकनीकी खराबी के कारण ऑर्थो वार्ड में भर्ती करीब दर्जनभर मरीजों का ऑपरेशन फिलहाल अटक गया है। इनमें कई मरीज पिछले एक सप्ताह से अस्पताल में भर्ती हैं और सर्जरी का इंतजार कर रहे हैं।
चिकित्सकों के अनुसार कई तरह की ऑर्थोपेडिक सर्जरी सी-आर्म मशीन के बिना करना संभव नहीं है। मशीन खराब रहने के कारण मरीजों को अस्पताल में अधिक समय तक रुकना पड़ रहा है। इससे मरीजों के साथ उनके परिजनों की परेशानी भी बढ़ गई है।
मेडिकल कॉलेज अस्पताल के दूसरे तल्ले पर ऑर्थोपेडिक मेल और फीमेल वार्ड संचालित हैं। तीन ब्लॉक में करीब 45 बेड की व्यवस्था है, लेकिन मरीजों का दबाव लगातार बना रहता है। कई बार बेड की कमी के कारण मरीजों को जमीन पर भर्ती करने की स्थिति भी पैदा हो जाती है। ऐसे में सी-आर्म मशीन के खराब होने से ऑर्थोपेडिक मरीजों के इलाज पर सीधा असर पड़ रहा है।
मरीजों की परेशानी की जानकारी मिलने पर हजारीबाग लोकसभा सांसद मनीष जायसवाल ने अपने मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी को मामले का संज्ञान लेकर अस्पताल प्रबंधन से बात करने का निर्देश दिया। सांसद के निर्देश पर रंजन चौधरी ने अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. राजकिशोर से बातचीत कर सी-आर्म मशीन को तत्काल दुरुस्त कराने का आग्रह किया।
उन्होंने उपायुक्त और उपविकास आयुक्त को ट्वीट के माध्यम से भी मामले की जानकारी दी और आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया। उपाधीक्षक ने बताया कि मशीन में तकनीकी खराबी आई है और उसे ठीक कराने की दिशा में जल्द कार्रवाई की जाएगी।
बताया गया कि अस्पताल में डीएमएफटी मद से लाखों रुपये की लागत से मॉड्यूलर ऑर्थोपेडिक ओटी भी तैयार किया गया है। हालांकि, इस ओटी में सी-आर्म मशीन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में अस्पताल में पहले से मौजूद सी-आर्म मशीन पर ही ऑर्थोपेडिक सर्जरी का बड़ा दारोमदार है।
रंजन चौधरी ने कहा कि सी-आर्म मशीन के खराब होने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी तकनीकी खराबी के कारण कई दिनों तक मरीजों की सर्जरी प्रभावित हो चुकी है। उस समय सांसद मनीष जायसवाल के हस्तक्षेप के बाद मशीन को दुरुस्त कराया गया था।
उन्होंने कहा कि मशीन के बार-बार खराब होने का सबसे अधिक खामियाजा गरीब और जरूरतमंद मरीजों को भुगतना पड़ता है। अस्पताल प्रबंधन को मौजूदा सी-आर्म मशीन को तत्काल दुरुस्त कराने के साथ ही एक अतिरिक्त उच्च गुणवत्ता वाली सी-आर्म मशीन की स्थायी व्यवस्था करनी चाहिए। इससे भविष्य में तकनीकी खराबी के कारण किसी मरीज की सर्जरी टालने की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी।
रंजन चौधरी ने बताया कि चोटिल होने के कारण फिलहाल वह बेड रेस्ट पर हैं। इसके बावजूद सांसद मनीष जायसवाल के निर्देश पर जरूरतमंद मरीजों से जुड़े मुद्दों को लेकर सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल से जुड़ी जायज समस्याओं को उचित मंच पर उठाकर उनके समाधान का प्रयास लगातार जारी रहेगा।




