मेदिनीनगर I पूरे झारखंड में चल रहे सड़क सुरक्षा अभियान के तहत पलामू जिले के सभी माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान के दौरान स्कूली विद्यार्थियों ने रैली निकालकर वाहन चालकों और आम लोगों को यातायात नियमों के प्रति सजग रहने तथा सड़क हादसों से बचाव का संदेश दिया। बच्चों ने हेलमेट और सीटबेल्ट का नियमित इस्तेमाल करने की अपील भी की।
विद्यालयों में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने हाथों में तख्तियां लेकर तथा नारे लगाकर लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। रैलियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने वाहन चलाते समय सावधानी बरतने, यातायात नियमों का पालन करने और अपनी तथा दूसरों की जिंदगी सुरक्षित रखने का संदेश दिया।
शपथ लेकर सुरक्षित सफर का लिया संकल्प :
सभी विद्यालयों में सामूहिक शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों, शिक्षकों और विद्यालय परिवार ने यातायात नियमों का पालन करने, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट तथा चारपहिया वाहन में सीटबेल्ट का नियमित इस्तेमाल करने और सुरक्षित तरीके से वाहन चलाने का संकल्प लिया।
विद्यालय स्तर पर प्रार्थना सभा के दौरान भी विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के नियमों की जानकारी देने और उनका पालन करने के लिए प्रेरित किया गया। अभियान का उद्देश्य बच्चों के माध्यम से सड़क सुरक्षा का संदेश परिवार और समाज तक पहुंचाना रहा।
निबंध और चित्रों में दिखा सड़क सुरक्षा का संदेश :
विद्यार्थियों में सड़क सुरक्षा को लेकर बौद्धिक जागरूकता बढ़ाने के लिए निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें बच्चों ने दुर्घटना रोकथाम, यातायात नियमों और सुरक्षित यात्रा के उपायों पर अपने विचार रखे।
वहीं, चित्रकला के माध्यम से विद्यार्थियों ने ट्रैफिक सिग्नल, तेज रफ्तार से होने वाले हादसों के खतरे और जीवन रक्षा के संदेशों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया। बच्चों की प्रस्तुतियों में सड़क पर सावधानी और नियमों के पालन की जरूरत प्रमुखता से दिखाई दी।
पांच मिनट की देरी, हादसे से बेहतर :
सड़क सुरक्षा अभियान के दौरान “दुर्घटना से देर भली” के संदेश को प्रमुखता दी गई। विद्यार्थियों को समझाया गया कि कुछ मिनट जल्दी पहुंचने की कोशिश में तेज गति या लापरवाही करना जानलेवा साबित हो सकता है। पांच मिनट की देरी सड़क हादसे का सामना करने से कहीं बेहतर है।
पलामू के विद्यालयों ने सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने की प्रतिबद्धता जताई है। विद्यालयों में प्रतिदिन या साप्ताहिक प्रार्थना सभा के दौरान विद्यार्थियों को यातायात नियमों के पालन की शपथ दिलाने पर जोर दिया गया। साथ ही विद्यालय आने वाले अभिभावकों, शिक्षकों और पात्र विद्यार्थियों के लिए हेलमेट व सीटबेल्ट के इस्तेमाल को अनिवार्य करने की बात कही गई।




