कसमार (बोकारो)। भारतमाला परियोजना के तहत कसमार प्रखंड के बनगजरा और बगियारी मोड़ पर इंटरचेंज निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों तथा विभिन्न राजनीतिक-सामाजिक संगठनों ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। रविवार को पोंडा पंचायत भवन में आयोजित सर्वदलीय बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि “इंटरचेंज नहीं तो सड़क नहीं”। बैठक में स्पष्ट किया गया कि कसमार की जनता की जरूरतों की अनदेखी कर फोरलेन और सिक्सलेन सड़क का निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक में निर्णय लिया गया कि भारतमाला परियोजना फेज-1 के तहत जैनामोड़-ओरमांझी फोरलेन में पोंडा पंचायत के बनगजरा तथा फेज-2 के वाराणसी-कोलकाता सिक्सलेन में बगियारी मोड़ के पास इंटरचेंज निर्माण की मांग को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल एनएचएआई के क्षेत्रीय कार्यालय, धनबाद जाकर मांगपत्र सौंपेगा। प्रतिनिधिमंडल में हारू रजवार, रामसय हांसदा, शकुर अंसारी, यदुनंदन जायसवाल, शेखर शरदेंदु, रमेश महाराज, धरमेंदू शेखर मुखर्जी, सूरज जायसवाल और परमेश्वर नायक समेत अन्य लोग शामिल रहेंगे।
वक्ताओं ने कहा कि दोनों स्थानों पर इंटरचेंज बनने से कसमार प्रखंड के लोगों को फोरलेन और सिक्सलेन सड़क का सीधा लाभ मिलेगा। इससे बोकारो, बेरमो, धनबाद, गिरिडीह समेत आसपास के क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा। इंटरचेंज नहीं बनने पर कसमार के लोगों को मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे समय और आर्थिक बोझ दोनों बढ़ेंगे।
बैठक में कहा गया कि इंटरचेंज कसमार के लिए सुविधा नहीं, बल्कि जरूरत है। एनएचएआई की ओर से मांग पर सकारात्मक और समुचित कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क परियोजना से कसमार को अलग-थलग रखने का प्रयास किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक की अध्यक्षता स्थानीय मुखिया हारू रजवार ने की, जबकि संचालन भाकपा-माले नेता शकुर अंसारी ने किया। मौके पर प्रखंड प्रमुख सह झामुमो नेत्री नियोति कुमारी, झामुमो प्रखंड अध्यक्ष सह बीस सूत्री अध्यक्ष दिलीप कुमार हेंब्रम, वरिष्ठ भाजपा नेता यदुनंदन जायसवाल, जेएलकेएम जिला अध्यक्ष अमरेश कुमार महतो, सीपीआई नेता दिवाकर महतो, कांग्रेस नेता रमेश चंद्र महाराज, परमेश्वर नायक, सिकंदर कपद्दार, संजय सिंह, विजय कुमार जायसवाल, सूरज प्रकाश जायसवाल, रामसय हांसदा, इरफान अहमद, दिलीप गंझू, कमलेश जायसवाल समेत दर्जनों ग्रामीण मौजूद थे।




